अभिजीत दीपके की दो टूक, गिरफ्तारी से नहीं डरता, लोकतंत्र के लिए संघर्ष जारी रहेगा

अभिजीत दीपके की दो टूक, गिरफ्तारी से नहीं डरता, लोकतंत्र के लिए संघर्ष जारी रहेगा
हाइलाइट्स
• अभिजीत दीपके बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरता
• CJP का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान
• शांतिपूर्ण विरोध को बताया मौलिक अधिकार
• UAPA या NSA लगाने की चुनौती, संघर्ष जारी रखने की बात
• दिल्ली में 25 हजार जवानों की तैनाती का दावा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच गए हैं। मुंबई से दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने साफ कहा कि वह गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने से नहीं डरते। दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।

सरकार युवाओं और आम लोगों से क्यों डर रही है?

दिल्ली रवाना होने से पहले अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि देश के प्रधानमंत्री युवाओं और आम लोगों से इतना क्यों डर रहे हैं। उन्होंने रेलवे सेवाओं, मेट्रो संचालन, इंटरनेट और सड़कों पर लगाई गई पाबंदियों का जिक्र किया।

दीपके ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर से सेना बुलाकर दिल्ली में तैनात की गई है। साथ ही, नक्सल प्रभावित इलाकों से CRPF के जवानों को भी राजधानी में तैनात किए जाने की बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने ही देश के नागरिकों के खिलाफ युद्ध करना चाहते हैं? उन्होंने ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए भी पूछा कि क्या उनके लिए पुलिस और सेना का इस्तेमाल नागरिकों के खिलाफ किया जा रहा है।

शांतिपूर्ण विरोध को बताया मौलिक अधिकार

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, सोसायटियों में घोषणाएं करके लोगों को प्रदर्शन से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस लोगों के घरों पर जाकर उन्हें प्रदर्शन में शामिल न होने के लिए कह रही है।

दीपके ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है और लोगों को इसमें भाग लेने से नहीं रोका जाना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि CJP शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए लोगों को ट्रेनों से उतारा जा रहा है। दीपके ने यह भी कहा कि सरकार को डर है कि इन परिस्थितियों के बाद लोग उसे वोट नहीं देंगे।

UAPA या NSA लगाने की चुनौती, संघर्ष जारी रखने की बात

दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर गिरफ्तारी की आशंका से जुड़े सवाल पर अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर उन्हें हिरासत में लेना या गिरफ्तार करना है, तो सरकार ऐसा कर सकती है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता।

दीपके ने कहा, “UAPA लगा दें, NSA लगा दें, जो करना है कर लें।” उन्होंने दोहराया कि निष्पक्ष चुनाव कराने और देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

दिल्ली में 25 हजार जवानों की तैनाती का दावा

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, राजधानी में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 25,000 जवान तैनात किए गए हैं।

इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को लेकर पाबंदियां लगाए जाने की बात कही गई है। राजधानी की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।

इन सुरक्षा इंतजामों के बीच जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। वहीं, अभिजीत दीपके ने कहा है कि वह लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।