उत्तर प्रदेश की राजनीति में रामपुर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से मुलाकात करेंगे। यह कार्यक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब रामपुर के टांडा में एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा के बाद राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने बताया कि अखिलेश यादव के रामपुर आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम आ गया है। वह जेल में आजम खां से मुलाकात करेंगे। इस दौरे को केवल औपचारिक मुलाकात के बजाय पार्टी की राजनीतिक स्थिति और आजम खां की अहमियत के नजरिये से भी देखा जा रहा है।
आजम खां से मुलाकात के क्या हैं सियासी मायने?
आजम खां लंबे समय से रामपुर की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री के तौर पर उनका प्रभाव जिले में समाजवादी पार्टी की राजनीतिक पकड़ और मुस्लिम मतदाताओं के बीच पार्टी की पहुंच से जुड़ा रहा है।
ऐसे में जेल में बंद आजम खां से मिलने का अखिलेश यादव का फैसला राजनीतिक संदेश के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मुलाकात के जरिए यह संदेश देने की कोशिश हो सकती है कि सपा नेतृत्व अपने वरिष्ठ नेता के साथ खड़ा है।
हालांकि, इस मुलाकात का वास्तविक राजनीतिक असर कितना होगा, यह आने वाली गतिविधियों और स्थानीय समीकरणों पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या इस दौरे से आजम खां और सपा नेतृत्व के बीच राजनीतिक तालमेल को लेकर उठने वाले सवालों पर विराम लग सकेगा।
ओवैसी की जनसभा के बाद रामपुर दौरे पर नजरें
रविवार को रामपुर के टांडा में असदुद्दीन ओवैसी ने जनसभा की थी। इसके कुछ ही दिन बाद अखिलेश यादव के रामपुर आने का कार्यक्रम सामने आया है। इसी वजह से दोनों घटनाओं को जोड़कर देखा जा रहा है।
ओवैसी की सक्रियता को मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, अखिलेश यादव का रामपुर पहुंचना समाजवादी पार्टी के लिए अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता और संगठनात्मक पकड़ का संदेश देने का अवसर माना जा रहा है।
रामपुर में आजम खां की राजनीतिक विरासत को देखते हुए यहां की गतिविधियों का असर जिले के बाहर भी महसूस किया जा सकता है। हालांकि, केवल ओवैसी की जनसभा और अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे के आधार पर मुस्लिम मतदाताओं के बीच किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
करीब एक साल बाद जेल में आजम खां से मिलेंगे अखिलेश
आजम खां करीब एक साल से रामपुर जेल में बंद हैं। इस दौरान अखिलेश यादव की उनसे मुलाकात का प्रस्ताव राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
इससे पहले सीतापुर जेल से आजम खां की रिहाई के बाद भी अखिलेश यादव उनसे मिलने रामपुर आए थे। अब दोबारा जेल में मुलाकात का कार्यक्रम सामने आने के बाद दोनों नेताओं के राजनीतिक संबंधों और समाजवादी पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हो रही है।
फिलहाल, 22 अक्टूबर को होने वाली इस मुलाकात पर नजरें रहेंगी। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस दौरे से पार्टी कार्यकर्ताओं और रामपुर की राजनीति को क्या संदेश मिलता है।