उत्तर प्रदेश MLC चुनाव की मतगणना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने डॉ. संजयन त्रिपाठी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मतगणना में गड़बड़ी और सपा प्रत्याशी को साजिश के तहत हराने के आरोप लगाए। अखिलेश ने इस मामले में भाजपा नेताओं, उनके सहयोगियों और कथित तौर पर शामिल अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में दावा किया कि डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साजिश सामने आ गई है। हालांकि, मतगणना में गड़बड़ी और साजिश से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट में कहा कि डॉ. संजयन त्रिपाठी को निशाना बनाए जाने की वजह सिर्फ उनका समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार होना नहीं है। इस संदर्भ में उन्होंने 'हाता नहीं भाता' का भी जिक्र किया।
भाजपा पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी वोट से नहीं, बल्कि खोट से जीतती है। उनके इस बयान में एमएलसी चुनाव की मतगणना को लेकर पार्टी की ओर से उठाए जा रहे सवाल सामने आए।
शिक्षकों के अपमान का मुद्दा भी उठाया
अखिलेश यादव ने डॉ. संजयन त्रिपाठी के कथित उत्पीड़न और उनके आंसुओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षक समाज इस घटना को नहीं भूलेगा। उन्होंने भाजपा के शासन में शिक्षकों को अपमानित किए जाने का आरोप भी लगाया।
सपा अध्यक्ष ने शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने जैसे काम करवाने के कथित षड्यंत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक इस घटना को याद रखेंगे।
2027 के विधानसभा चुनाव का किया जिक्र
अपने बयान में अखिलेश यादव ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक भाजपा को हराकर अपना 'गुरु संकल्प' पूरा करेंगे।
भाजपा पर तंज कसते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि उसकी 'चार सौ बीसी' 403 सीटों पर नहीं चलेगी। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी।
डॉ. संजयन त्रिपाठी के साथ खड़े रहने की बात
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी डॉ. संजयन त्रिपाठी और उनके समाज के साथ हो रहे कथित अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी।
उनके बयान के बाद एमएलसी चुनाव की मतगणना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। मतगणना में गड़बड़ी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।