हाइलाइट्स
• जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर पहुंचे CJP कार्यकर्ता हिरासत में
• सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को हिरासत में लेने का दावा
• ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक देशभर में प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान
• SIR में नाम हटाने के आरोपों को लेकर CJP का विरोध जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार, 13 अक्तूबर की सुबह तिरंगा लेकर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पार्टी की ओर से साझा की गई जानकारी में आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे समेत कई सदस्यों के हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। इस कार्रवाई के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए एक्स पर लिखा, 'आप प्रतिरोध को खत्म नहीं कर सकते।'
उपलब्ध जानकारी में पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या या कार्रवाई की वजह के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। वहीं, CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक देशभर में प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए।
दिपके ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों से यह कहा गया कि वे इस बार मतदान नहीं कर सकते तो अगली बार कर लेंगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी यही कहेगा कि वह इस बार चुनाव न लड़ें और अगली बार लड़ लें?
दिल्ली में इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को महत्वपूर्ण बताते हुए दिपके ने विपक्ष और देशभर के लोगों से ऐसे प्रदर्शनों के लिए एकजुट होने की अपील की।
10 अक्तूबर को विमान के अंदर से हिरासत में लिए गए थे CJP नेता
CJP नेताओं को इससे पहले 10 अक्तूबर को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस ने तीनों को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया था।
पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहती थी। CJP का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान अनियमितताएं हुई हैं।
इसके बाद 11 अक्तूबर को तीनों नेताओं को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की शर्त पर 50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया गया।
प्रदर्शन की अनुमति के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे थे रांका और दास
रिहाई के बाद CJP ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। 12 अक्तूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए 24 घंटे के भीतर तारीख और समय तय करने की मांग की थी।
दोनों का कहना था कि यदि पुलिस प्रदर्शन के लिए तारीख तय नहीं करती है, तो पार्टी खुद इसकी घोषणा करेगी।
इसी बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर रोड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया। पुलिस ने इसके विकल्प के तौर पर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान का नाम बताया। CJP ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन करने की मांग जारी रखी।
मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विरोध
CJP और कई छात्र संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं। प्रदर्शनकारी इस मुद्दे को मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जोड़कर देख रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर उठे सवालों के बीच पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में 13 अक्तूबर की सुबह CJP के नेता और कार्यकर्ता तिरंगा लेकर वहां पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।