कनॉट प्लेस के कारोबार पर प्रदर्शनों की मार, दुकानदार बोले- हमें रोजी-रोटी कमाने दें

कनॉट प्लेस के कारोबार पर प्रदर्शनों की मार, दुकानदार बोले- हमें रोजी-रोटी कमाने दें
हाइलाइट्स
• कनॉट प्लेस में ग्राहक 70% तक घटे, कारोबार पर भारी असर
• कई दुकानदारों की 5 दिनों से नहीं हुई बोहनी
• व्यापारियों ने PM मोदी, CJI और राहुल गांधी से लगाई गुहार

Delhi News: दिल्ली के कनॉट प्लेस में लगातार हो रहे प्रदर्शनों, बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों का असर दुकानों और रेस्त्रां के कारोबार पर पड़ रहा है। व्यापारियों के मुताबिक, बाहरी राज्यों से आने वाले ग्राहकों की संख्या में 70 प्रतिशत तक गिरावट आई है। सामान्य दिनों में रोजाना दो से तीन लाख लोगों की आवाजाही वाले इस इलाके में अब मुश्किल से 40-50 हजार लोग पहुंच रहे हैं।

त्योहारी सीजन में कारोबार बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे दुकानदारों और रेस्त्रां संचालकों की चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों ने राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे प्रदर्शन के लिए सरकार द्वारा निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल करें, ताकि बाजारों में कारोबार जारी रह सके।

किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों की सैलरी चुकाना मुश्किल

नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) के अध्यक्ष अतुल भार्गव के मुताबिक, कारोबार में गिरावट के कारण दुकानदारों के लिए किराया निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बिजली-पानी के बिल, संपत्तिकर और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान भी करना है।

उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान अच्छी बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। भार्गव ने यह भी स्पष्ट किया कि शुक्रवार को विरोध प्रदर्शनों के बावजूद व्यापारी सतर्क रहेंगे और दुकानें बंद नहीं करेंगे।

कनॉट प्लेस के व्यापारियों ने प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक दलों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि इस त्योहारी सीजन में उन्हें अपनी आजीविका कमाने दी जाए। उनका कहना है कि यहां की दुकानों और रेस्त्रां पर 5,000 से अधिक परिवार निर्भर हैं और यह एक व्यावसायिक क्षेत्र है, धरनास्थल नहीं।

पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में भी 30% तक गिरावट

प्रदर्शनों और पाबंदियों का असर केवल कनॉट प्लेस तक सीमित नहीं है। पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों का कारोबार भी 30 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है।

दिल्ली व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर के मुताबिक, पुरानी दिल्ली के बाजार भी इस स्थिति से अछूते नहीं हैं। उन्होंने चिंता जताई कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो त्योहारों के बाद कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करने की नौबत आ सकती है।

शारदीय नवरात्रि से दीपावली तक का समय व्यापारियों के लिए साल का सबसे बड़ा कारोबारी सीजन माना जाता है। लेकिन इस बार कनॉट प्लेस, पालिका बाजार, जनपथ और खान मार्केट की दुकानों तथा रेस्त्रां में कारोबार प्रभावित होने से मायूसी है।

पांच दिनों से कई दुकानों में नहीं हुई बोहनी

जुलाई से शुरू हुआ प्रदर्शनों का सिलसिला अक्टूबर में और तेज हो गया है। लगातार नारेबाजी, सुरक्षा के नाम पर बैरिकेडिंग, सड़कों को बंद करने और यातायात डायवर्जन के कारण बाजारों तक पहुंचने में लोगों को परेशानी हो रही है।

कनॉट प्लेस और आसपास के बाजारों में 1,000 से अधिक दुकानें और आउटलेट्स, 300 से अधिक रेस्त्रां तथा जनपथ पर 250 से अधिक कारोबारी प्रतिष्ठान प्रभावित हैं।

जनपथ बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएल मदान के अनुसार, कई दुकानदारों की स्थिति ऐसी हो गई है कि पांच दिनों से उनकी बोहनी तक नहीं हुई है।

रोजाना करोड़ों के कारोबार पर असर, पीएम और CJI से हस्तक्षेप की मांग

व्यापारियों के मुताबिक, सामान्य दिनों में कनॉट प्लेस के बाजारों में प्रतिदिन लगभग 250 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। लेकिन प्रदर्शनों और पाबंदियों के दौरान यह घटकर आधा भी नहीं रह जाता।

बाहरी राज्यों से आने वाले ग्राहकों की संख्या में 70 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, रोजाना आने वाले दो से तीन लाख लोगों के मुकाबले अब मुश्किल से 40-50 हजार लोग ही पहुंच रहे हैं।

इस स्थिति से परेशान कारोबारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क

CJP की ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा को देखते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए बंद रखने की घोषणा की है।

NDMC की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना के मुताबिक, प्रशासनिक कारणों से 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रखने का निर्णय लिया गया है।