हाइलाइट्स
• दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों के गेट बंद करने का प्रस्ताव
• आज रात 9 बजे से कल तक लागू हो सकता है फैसला
• यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलती रहेगी
• अनुमति नहीं मिलने के बावजूद 10 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन
• प्रदर्शन में यूट्यूबर ध्रुव राठी भी होंगे शामिल
दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले CJP के प्रदर्शन से पहले मेट्रो यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। दिल्ली पुलिस ने आज रात 9 बजे से कल तक 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को भेजा है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर DMRC की अंतिम पुष्टि का इंतजार है।
पुलिस के प्रस्ताव के मुताबिक, संबंधित स्टेशनों पर यात्रियों को न तो प्रवेश करने दिया जाएगा और न ही बाहर निकलने की अनुमति होगी। हालांकि, इंटरचेंज की सुविधा जारी रह सकती है, यानी यात्री एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे।
CJP के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने भेजा प्रस्ताव
CJP ने 3 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन के बाद 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। संगठन की ओर से कहा गया था कि यदि पुलिस प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोकती है, तो वे उसी जगह बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन की अनुमति लेने के लिए CJP के सह-संयोजक सौरव दास 7 अक्टूबर को संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को प्रस्तावित प्रदर्शन की जानकारी देते हुए औपचारिक पत्र भी सौंपा था।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी है। दूसरी ओर, CJP ने स्पष्ट किया है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद 10 अक्टूबर का कार्यक्रम जारी रहेगा।
प्रदर्शन में शामिल होंगे यूट्यूबर ध्रुव राठी
CJP के घोषित कार्यक्रम में यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल होंगे। प्रदर्शन को लेकर पुलिस की ओर से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव भेजा गया है। यात्रियों के लिए इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहने की बात कही गई है, जबकि प्रवेश और निकास पर रोक का प्रस्ताव है।
बंगलूरू में भी CJP ने किया प्रदर्शन
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले CJP ने बृहस्पतिवार को बंगलूरू में भी विरोध प्रदर्शन किया। यहां प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां जताईं।