धनतेरस के साथ ही पांच दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव की शुरुआत हो जाती है। आज 6 नवंबर को मनाए जा रहे इस पर्व पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के साथ दीपदान करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस की शाम को 13 दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि अलग-अलग स्थानों पर दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता आती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दिन यमराज के नाम से भी दीपक जलाया जाता है। कहा जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों की लंबी आयु और खुशहाली की कामना पूरी होती है। आइए जानते हैं धनतेरस पर किन 13 जगहों पर दीपक जलाने की परंपरा है।
धनतेरस पर 13 दीपक जलाने का क्या है धार्मिक महत्व?
धनतेरस से दीपावली तक पांच दिनों का दीपोत्सव मनाया जाता है। इस पर्व के पहले दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर 13 दीपक जलाने और दीपदान करने का विशेष महत्व है। इनमें यमराज के नाम का दीपक भी शामिल होता है। मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्यों की आयु में वृद्धि होती है।
धनतेरस पर इन 13 जगहों पर जलाएं दीपक
धनतेरस की शाम घर के अलग-अलग हिस्सों में दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 13 स्थानों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
1. पूजा स्थल पर
घर के मंदिर या पूजा स्थल में देवी-देवताओं के सामने एक दीपक जरूर जलाएं। इसे पूजा का प्रमुख स्थान माना जाता है।
2. घर के ईशान कोण में
घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को शुभ माना जाता है। धनतेरस की शाम यहां भी एक दीपक जलाने की परंपरा है।
3. तुलसी के पौधे के पास
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष धार्मिक महत्व है। धनतेरस की शाम तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
4. मुख्य दरवाजे पर
घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
5. दक्षिण दिशा में
धार्मिक मान्यताओं में दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है। इसलिए धनतेरस पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के नाम से एक दीपक जलाया जाता है।
6. घर के आंगन में
वास्तु शास्त्र में घर के मध्य भाग को ब्रह्मस्थान कहा जाता है। धनतेरस पर इस स्थान पर भी दीपक जलाने की परंपरा है।
7. शौचालय के बाहर
धनतेरस की शाम शौचालय के बाहर भी एक दीपक जलाने की धार्मिक परंपरा बताई गई है।
8. छत और बालकनी में
घर की छत और बालकनी में दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
9. स्टोर रूम में
धनतेरस पर घर के स्टोर रूम में भी एक दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान को भी दीपदान में शामिल किया जाता है।
10. घर के पास चौराहे पर
धनतेरस की शाम घर के नजदीक स्थित चौराहे पर दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि यहां दीपदान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
11. पीपल के पेड़ के नीचे
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने की परंपरा है। धनतेरस पर यहां दीपदान करने से देवी-देवताओं और पितरों का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है।
12. बेलपत्र के नीचे
भगवान शिव को बेलपत्र प्रिय माना जाता है। धनतेरस पर बेलपत्र के नीचे दीपक जलाने की परंपरा भी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे भगवान शिव की कृपा और परिवार में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
13. खिड़की के पास
धनतेरस की शाम घर की खिड़कियों के पास भी दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे जीवन का अंधकार दूर होता है और सकारात्मकता आती है।
धनतेरस पर दीपदान की परंपरा का रखें ध्यान
धनतेरस पर दीपक जलाने की परंपरा केवल पूजा स्थल तक सीमित नहीं है। मुख्य द्वार, तुलसी, आंगन और घर के अन्य हिस्सों के साथ आसपास के कुछ स्थानों पर भी दीपदान किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन स्थानों पर दीपक जलाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।