दिव्या मित्तल की पोस्ट के बाद मिर्जापुर के स्कूल की किस्मत पलटी

दिव्या मित्तल की पोस्ट के बाद मिर्जापुर के स्कूल की किस्मत पलटी
  • पोस्ट के बाद प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
  • लहुरियादह में स्कूल पहुंची प्रशासन की टीम
  • जमीन की पैमाइश और चिन्हांकन पूरा
  • 2024 में स्वीकृत हुआ था उच्च प्राथमिक विद्यालय
  • अगस्त 2025 में जारी हो चुके थे 25 लाख रुपए 

Mirzapur School Construction after Divya Mittal Video: मिर्जापुर के सुदूर पहाड़ी क्षेत्र लहुरियादह गांव में लंबे समय से अटके उच्च प्राथमिक विद्यालय के निर्माण का रास्ता अब साफ होता दिखाई दे रहा है। पूर्व आईएएस और मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद प्रशासन ने स्कूल के लिए आवंटित जमीन की पैमाइश और चिन्हांकन का काम शुरू करा दिया है। स्कूल निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

दिव्या मित्तल की पोस्ट में उठे थे सवाल

दिव्या मित्तल ने अपने मिर्जापुर कार्यकाल को याद करते हुए सोशल मीडिया पर लहुरियादह की एक महिला का जिक्र किया था। उनके अनुसार महिला ने पेंशन या मकान की मांग करने के बजाय गांव में पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई की व्यवस्था के लिए स्कूल की मांग की थी। मित्तल ने बताया कि नियमों के तहत स्कूल को मंजूरी दे दी गई थी, लेकिन करीब तीन साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो सका।

उन्होंने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि जब पैसा, नियम और स्वीकृति मौजूद थी तो कमी किस चीज की थी। पोस्ट सामने आने के बाद इस मामले ने प्रशासन का ध्यान खींचा।

प्रशासन ने कराई जमीन की पैमाइश

बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बीईओ हलिया प्रकाश चंद्र यादव और ग्राम प्रशासक कौशलेंद्र कुमार गुप्ता टीम के साथ चयनित स्थल पर पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक गंगा शंकर ओझा की देखरेख में विद्यालय के लिए आवंटित भूमि की पैमाइश और चिन्हांकन कराया गया।

25 लाख रुपये पहले ही हो चुके हैं जारी

ग्रामीण देवकली की मांग और दिव्या मित्तल के प्रयासों के बाद वर्ष 2024 में विद्यालय को स्वीकृति मिली थी। इसके बाद अगस्त 2025 में शासन की ओर से 25 लाख रुपये की धनराशि भी जारी की गई थी। अब निर्माण शुरू होने से गांव के बच्चों को आठवीं तक की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल बनने से खासकर बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्कूल निर्माण की शुरुआत पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए कहा कि अगर दिव्या मित्तल कुछ दिन और मिर्जापुर में रहतीं तो शायद गांव का भाग्य पहले ही बदल जाता।