भारत निर्वाचन आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने का फैसला लिया है। इस अभियान के जरिए पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए जाएंगे। इसमें खासतौर पर युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले लोगों पर ध्यान दिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने गुरुवार को इस प्रक्रिया की घोषणा की। इसके तहत अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा।
30 नवंबर को जारी होगी मसौदा मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 नवंबर को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
इस प्रक्रिया में उन लोगों को भी पहले से आवेदन करने का अवसर मिलेगा, जो वर्ष 2027 में 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को मतदान करने की पात्रता हासिल करेंगे।
युवाओं और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने पर जोर
SSR अभियान का प्रमुख उद्देश्य मतदाता सूची में सभी पात्र लोगों का नाम शामिल करना है। आयोग ने विशेष रूप से युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले नागरिकों को इस प्रक्रिया में शामिल करने पर जोर दिया है।
इसके तहत भविष्य में मतदान के योग्य होने वाले लोगों को भी पहले से आवेदन करने की सुविधा दी जाएगी, ताकि उनकी पात्रता के अनुसार मतदाता सूची में नाम शामिल किया जा सके।
राज्यों को कर्मचारियों और संसाधनों की व्यवस्था के निर्देश
चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। उनसे कहा गया है कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
इस तरह आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SSR की प्रक्रिया के लिए कार्यक्रम और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर निर्देश जारी किए हैं।