FlyDubai फ्लाइट में को-पायलट का कथित कबूलनामा, बोला- ‘गाजा का बदला लेने और शहीद होने आया था’

FlyDubai फ्लाइट में को-पायलट का कथित कबूलनामा, बोला- ‘गाजा का बदला लेने और शहीद होने आया था’
हाइलाइट :
• संजय दत्त बोले- ‘जो कुछ कहा, वो स्क्रिप्टेड था’
• कहा- ये उनके निजी विचार या भावनाएं नहीं थीं
• ‘एक्स’ पर भी एक दिन पहले दे चुके थे सफाई
• शेखर सुमन ने भी संजय दत्त का बचाव किया था

दुबई से तेल अवीव जा रही FlyDubai फ्लाइट में कैप्टन पर हमला करने और विमान को क्रैश करने की कोशिश के मामले में ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी के कथित कबूलनामे की जानकारी सामने आई है। इज़राइली ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल 'माको' के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने अमीराती जांचकर्ताओं से कहा कि उसने यह हमला गाज़ा का बदला लेने के लिए किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमम अल-हम्मामी ने कहा, "मैंने यह गाज़ा का बदला लेने के लिए किया। मैं शहीद होकर मरना चाहता था।"

जांच में फोन और विदेश यात्राओं की भी पड़ताल

खबरों के मुताबिक, जांच अधिकारी अब हमम अल-हम्मामी के फोन, विदेश यात्राओं और उसके संपर्कों की जांच कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि उसने यह सब अकेले किया था या उसके साथ कोई और भी जुड़ा था।

बताया गया है कि उसने जांचकर्ताओं के सामने गाज़ा का बदला लेने और शहीद होने की बात कही।

चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित होने की भी बात

हमम अल-हम्मामी के कथित कबूलनामे के बीच उसके पिछले रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। खबरों के मुताबिक, उसे पिछले साल ओमान की नेशनल एयरलाइन से उसकी चरमपंथी सोच के कारण हटा दिया गया था।

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में उसके नाम वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इज़राइली विमानों के कॉकपिट वीडियो और अल-कायदा के लोगों के वीडियो पोस्ट किए गए थे।

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले कहा था कि माना जा रहा है कि को-पायलट "इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा" से प्रभावित था।

30 सितंबर को फ्लाइट में क्या हुआ था?

30 सितंबर को FlyDubai की फ्लाइट 1073 में 170 से ज़्यादा यात्री सवार थे। इनमें से ज़्यादातर इज़राइली थे। लैंडिंग से एक घंटे से भी कम समय पहले हमम अल-हम्मामी ने फ्लाइट के कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया।

फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान कुछ ही सेकंड में 17,000 फीट से ज़्यादा नीचे गिर गया।

कैप्टन ने किया मुकाबला, यात्रियों ने को-पायलट को काबू किया

हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने को-पायलट का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों को स्थिति का पता चला और वे हस्तक्षेप कर सके।

यात्रियों ने हमम अल-हम्मामी को काबू करने में मदद की। वहीं, फ्लाइट में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। इस तरह विमान के क्रैश होने की स्थिति को टाला गया।

जुलाई में भी हमले का प्लान बनाने की बात

इज़राइली मीडिया के मुताबिक, हमम अल-हम्मामी ने जुलाई में भी हमला करने के बारे में सोचा था। हालांकि, आखिरी समय में उसने अपना प्लान छोड़ दिया था।

रिपोर्ट के अनुसार, इसकी वजह यह थी कि वह क्रू के एक सदस्य का दोस्त था।