‘इटालिया इन पियाजा’ मार्च के दौरान हिंसा, मेलोनी ने कहा, प्रदर्शन अधिकार, हिंसा करना नहीं

‘इटालिया इन पियाजा’ मार्च के दौरान हिंसा, मेलोनी ने कहा,  प्रदर्शन अधिकार, हिंसा करना नहीं
  • मेलोनी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान किया
  • मिलान में हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं
  • ट्यूरिन में हथौड़े और पत्थर मिलने के बाद कुछ लोग हिरासत में
  • बोलोनिया में अव्यवस्था के कारण एहतियातन रेलवे स्टेशन बंद करना पड़ा
  • मेलोनी ने विपक्ष से हिंसा की स्पष्ट शब्दों में निंदा करने की अपील की

Giorgia Meloni Protest Appeal: इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी ने देश के कई शहरों में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की निंदा करते हुए विपक्षी दलों से स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना लोकतंत्र का आधार और नागरिकों का अधिकार है, लेकिन शहरों में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा करने का अधिकार किसी को नहीं है। मेलोनी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे हिंसा की बिना किसी अस्पष्टता के निंदा करें और लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का आह्वान करें।

मेलोनी ने 18 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर साझा अपने बयान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विचारधारा चाहे जो भी हो, लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने ट्रेड यूनियन सीजीआईएल (CGIL) के आह्वान पर हुए प्रदर्शन का भी उल्लेख किया, जिसमें वामपंथी नेताओं ने हिस्सा लिया था।

मिलान में प्रदर्शन के दौरान हिंसा

मेलोनी ने मिलान में डुओमो कैथेड्रल के आसपास हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए, अधिकारी घायल हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। हिंसा के कारण मार्च को बीच में रोकना पड़ा।

मीडिया की खबरों के अनुसार, 17 अक्टूबर को ‘इटालिया इन पियाजा’ (Italia in Piazza) मार्च में करीब 5,000 लोग शामिल हुए थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाद में कुछ समूहों के हिंसक होने से स्थिति बिगड़ गई। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान 15 से 25 लोगों के घायल होने और 40 से 50 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। घायलों में सुरक्षाकर्मी भी शामिल बताए गए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में कई नाबालिग होने की भी सूचना है।

ट्यूरिन और बोलोनिया में भी बिगड़े हालात

प्रधानमंत्री ने ट्यूरिन और बोलोनिया में हुई घटनाओं पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, ट्यूरिन में कुछ लोगों को पत्थर के टुकड़ों और शीशे तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले छोटे हथौड़ों के साथ हिरासत में लिया गया। वहीं, बोलोनिया में अव्यवस्था के चलते एहतियातन रेलवे स्टेशन बंद करना पड़ा।

मेलोनी ने हिंसा में शामिल लोगों को ऐसे उपद्रवी बताया, जो प्रदर्शनों का इस्तेमाल अराजकता फैलाने, सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले लोगों पर हमला करने और पूरे शहरों का जनजीवन बाधित करने के लिए करते हैं।

विपक्ष से स्पष्ट रुख अपनाने की अपील

मेलोनी ने विपक्षी दलों से कहा कि वे इस मुद्दे पर अस्पष्ट रुख न अपनाएं। उन्होंने हिंसा की स्पष्ट निंदा करने और प्रत्येक प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए सार्वजनिक अपील जारी करने की मांग की।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ सभी का विरोध एकजुट होना चाहिए। उनके मुताबिक, हिंसा की निंदा करने में हिचकिचाहट उसे उचित ठहराने का आधार बन सकती है और इस मामले में चुप्पी स्वीकार्य नहीं है।

मेलोनी की अपील ऐसे समय आई है, जब इटली के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनों के दौरान तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।