- ट्रंप अगले 10 दिनों में ले सकते हैं फैसला
- अमेरिकी कानून के तहत 100 फीसदी तक शुल्क का प्रावधान
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत में प्रगति
- रक्षा, चिप निर्माण और डेटा सेंटर में सहयोग की संभावनाएं
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India US Tariff on Russian Oil: रूस से तेल और गैस खरीदने को लेकर भारत पर अमेरिका के 100 फीसदी तक आयात शुल्क लगाने का खतरा मंडरा रहा है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दस दिनों में इस संबंध में फैसला ले सकते हैं। यह कदम भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात को प्रभावित कर सकता है।
गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि अमेरिकी कानून रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करने वालों पर कार्रवाई का अधिकार देता है। इसमें भारत भी एक श्रेणी के तहत आ सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून किसी एक देश को निशाना बनाने के लिए नहीं बनाया गया है।
अमेरिका ने 18 सितंबर को रूस और ईरान से संबंधित प्रतिबंध कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत निर्धारित परिस्थितियों में 100 फीसदी तक शुल्क लगाया जा सकता है।
गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दे सुलझ चुके हैं। अब कुछ छोटे मुद्दों और नई चिंताओं पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और चिप निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं भी हैं।