इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर राहुल गांधी ने साझा की बचपन की तस्वीर, दादी के दिए ‘खूबसूरत तोहफे’ को किया याद

इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर राहुल गांधी ने साझा की बचपन की तस्वीर, दादी के दिए ‘खूबसूरत तोहफे’ को किया याद
हाइलाइट्स
• इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर राहुल गांधी ने बचपन की तस्वीर साझा की
• राहुल ने दादी से सीखे उपनिषद के मंत्र को बताया खूबसूरत तोहफा
• बृहदारण्यक उपनिषद से लिया गया है यह खास मंत्र
• प्रियंका गांधी ने भी बचपन की तस्वीर साझा कर दादी को किया याद

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर राहुल गांधी ने अपनी दादी के साथ बचपन की एक याद साझा की। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बताया कि इंदिरा गांधी ने बचपन में उन्हें उपनिषद का एक मंत्र दोहराने के लिए कहा था। राहुल ने इस मंत्र को अपनी दादी की ओर से मिला एक खूबसूरत तोहफा बताया।

इस मौके पर राहुल गांधी ने शक्ति स्थल 1, सफदरजंग रोड स्थित इंदिरा गांधी के स्मारक पर पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि भी अर्पित की।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा की खास याद

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी दादी के साथ बचपन की तस्वीर साझा करते हुए उस पल को याद किया, जब वह उनकी गोद में बैठकर उनके पीछे-पीछे मंत्र दोहराते थे।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'आपकी गोद में बैठा हूं। आपके दोनों हाथ थामे हुए हूं। आपकी आवाज में ये शब्द सुन रहा हूं। आपके पीछे-पीछे इन्हें दोहरा रहा हूं। असतो मा सद्गमय; तमसो मा ज्योतिर्गमय; मृत्योर्मा अमृतं गमय; ॐ शांति, शांति, शांति।'

राहुल गांधी ने अपनी दादी को संबोधित करते हुए आगे लिखा, 'दादी, आपने मुझे कितना खूबसूरत तोहफा दिया है। क्या कमाल का तोहफा है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था।'

बृहदारण्यक उपनिषद से लिया गया है मंत्र

राहुल गांधी ने जिस मंत्र को याद किया, वह बृहदारण्यक उपनिषद से लिया गया है। इस मंत्र में असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरता की ओर जाने की प्रार्थना की गई है।

राहुल गांधी ने इसे अपनी दादी से मिला ऐसा उपहार बताया, जिसकी अहमियत को उन्होंने अपनी पोस्ट के जरिए साझा किया।

प्रियंका गांधी ने भी दादी को किया याद

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। प्रियंका ने अपनी दादी के साथ बचपन की एक तस्वीर साझा की और उनके व्यक्तित्व का वर्णन किया।

उन्होंने इंदिरा गांधी को 'आसमान की तरह मुक्त, समंदर की तरह गहरी, धरती की तरह अडिग और जलती हुई आग से भी अधिक तेजस्वी' बताया।

31 अक्टूबर 1984 को हुई थी इंदिरा गांधी की हत्या

भारत की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्तूबर, 1984 को नई दिल्ली में उनके ही अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी।

इंदिरा गांधी ने जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वह जनवरी 1980 में फिर से प्रधानमंत्री बनीं और अपनी मृत्यु तक इस पद पर रहीं।