Krishna Janmashtami 2026: भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस साल जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा के साथ घर में कुछ शुभ वस्तुएं लाने की भी धार्मिक मान्यता है।
अगर आप जन्माष्टमी की तैयारी कर रहे हैं तो पूजा से पहले इन 5 चीजों को घर ला सकते हैं। मान्यता है कि इनका संबंध भगवान कृष्ण से है और इन्हें घर में रखना शुभ माना जाता है।
1. मोर पंख
भगवान कृष्ण के मुकुट में मोर पंख का विशेष महत्व माना जाता है। जन्माष्टमी से पहले मोर पंख घर लाकर इसे बाल गोपाल के पास रखा जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में मोर पंख को राहु से जुड़े उपायों में भी इस्तेमाल किया जाता है।
2. कृष्ण की बांसुरी
भगवान कृष्ण की बांसुरी उनके सबसे खास प्रतीकों में से एक है। जन्माष्टमी से पहले घर में लकड़ी की बांसुरी लाकर इसे कृष्णजी की प्रतिमा के पास रखा जा सकता है। मान्यता है कि बांसुरी घर में प्रेम और सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है।
3. तुलसी का पौधा
भगवान विष्णु और कृष्ण की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है। जिन घरों में तुलसी का पौधा नहीं है, वे जन्माष्टमी से पहले इसे घर ला सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी को घर में सकारात्मकता और भक्ति से जोड़ा जाता है।
4. गाय-बछड़े की मूर्ति
भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप का गोकुल और गायों से गहरा संबंध माना जाता है। उन्हें गोपाल और गोविंद जैसे नामों से भी जाना जाता है। इसलिए जन्माष्टमी पर घर में गाय-बछड़े की छोटी मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। इसे पूजा स्थल या घर के किसी साफ स्थान पर रखा जा सकता है।
5. लड्डू गोपाल की मूर्ति
अगर आपके घर में बाल गोपाल नहीं हैं तो जन्माष्टमी के अवसर पर उनकी मूर्ति घर लाई जा सकती है। हालांकि, धार्मिक परंपरा में लड्डू गोपाल की नियमित पूजा, भोग, वस्त्र और श्रृंगार से जुड़े नियम बताए गए हैं। इसलिए मूर्ति घर लाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप नियमित पूजा की परंपराओं का पालन कर सकें।
इसी के साथ ये भी ध्यान रखें कि इन वस्तुओं को घर में लाने और इनके शुभ प्रभाव से जुड़ी बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें आस्था और परंपरा के नजरिए से देखा जाना चाहिए।