पूर्ण राज्य की मांग पर कश्मीर विधानसभा में जमकर हंगामा

पूर्ण राज्य की मांग पर कश्मीर विधानसभा में जमकर हंगामा
  • सीएम उमर अब्दुल्ला बोले, आधा-अधूरा राज्य नहीं चाहिए
  • प्रस्ताव में 26 जून 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव के संदर्भ पर BJP विधायकों ने आपत्ति जताई और सदन में विरोध किया
  • विरोध के दौरान BJP विधायक वेल में पहुंचे और प्रस्ताव की प्रतियां फाड़ने की घटना सामने आई

J&K Assembly Statehood Resolution: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। मुद्दा राज्य को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का था लेकिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की तरफ़ से पेश प्रस्ताव में 26 साल पहले के नेशनल कांफ्रेंस के स्वायत्तता प्रस्ताव का जिक्र होने की वजह से भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने विरोध किया और प्रस्ताव की प्रतियां फाड़ी।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार 25 सितंबर 2026 को विधानसभा में केंद्र शासित प्रदेश को तुरंत पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पेश किया । इस पर जमकर हंगामा हुआ। सीएम ने कहा कि हमको आधा-अधूरा नहीं बल्कि पूर्ण राज्य का दर्जा चाहिए। 

इस प्रस्ताव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के वर्ष 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव का ज़िक्र होने पर भाजपा विधायकों ने विरोध जताया। प्रश्नकाल के बाद पेश किए गए इस प्रस्ताव में केन्द्र सरकार से जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की गई। 

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें आधा या चौथाई राज्य का दर्जा नहीं, बल्कि पूर्ण राज्य का दर्जा चाहिए।" पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के दौरान 26 जून 2000 को पारित स्वायत्तता प्रस्ताव का जिक्र आते ही भाजपा सदस्यों ने तुरंत आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि सदन को स्वायत्तता का मुद्दा दोबारा नहीं उठाना चाहिए

विरोध तेजी से बढ़ा और भाजपा विधायक सदन के बीचों-बीच आ गए और नारेबाजी करने लगे। कुछ सदस्य सीटों पर चढ़ गए और प्रस्ताव की प्रतियों को फाड़ दिया।