हाइलाइट्स
• केन्या में बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी का पहला आयातित मामला
• मरीज डीआर कांगो में रह रहा था और वहीं बीमार पड़ा
• 5 अक्टूबर की रात मरीज की इलाज के दौरान मौत
• स्वास्थ्य अधिकारियों ने 28 संपर्कों की पहचान की
Bundibugyo Virus Disease: केन्या में बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी (BVD) का पहला आयातित मामला सामने आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया कि केन्याई नागरिक में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद सरकार के साथ मिलकर बीमारी को आगे फैलने से रोकने के लिए नियंत्रण उपाय तेज किए जा रहे हैं। संक्रमित मरीज की 5 अक्टूबर 2026 की रात मौत हो गई।
डीआर कांगो में रहता था मरीज
मरीज केन्याई नागरिक था और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में रह रहा था। वहीं बीमार पड़ने के बाद उसका कई स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज किया गया। इसके बाद वह 2 अक्टूबर को बेनी के रास्ते सड़क मार्ग से कंपाला, युगांडा पहुंचा और 3 अक्टूबर को विमान से नैरोबी आया।
नैरोबी पहुंचने के बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाकर आइसोलेट किया गया। उसके नमूनों की जांच नेशनल वायरोलॉजी रेफरेंस लेबोरेटरी और केन्या मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट में की गई, जहां बुंडिबुग्यो वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। इलाज के बावजूद मरीज की 5 अक्टूबर की रात मौत हो गई। उसका अंतिम संस्कार 6 अक्टूबर को देश के इबोला संबंधी सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण दफन प्रोटोकॉल के तहत किया गया।
28 संपर्कों की पहचान
केन्या के स्वास्थ्य अधिकारियों ने अब तक 28 संपर्कों की पहचान की है। इनमें मरीज के परिवार के सदस्य और उसके इलाज में शामिल स्वास्थ्यकर्मी भी हैं। इसके अलावा उसी उड़ान में यात्रा करने वाले 23 यात्रियों और चार चालक दल के सदस्यों का भी पता लगाया जा रहा है। जोखिम वाले लोगों की निगरानी और आवश्यक क्वारंटीन की व्यवस्था की जा रही है।
केन्या सरकार ने 6 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (2005) के तहत WHO को मामले की जानकारी दी।
चार देशों में सामने आ चुका है BVD
WHO के मुताबिक केन्या बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी की पुष्टि करने वाला चौथा देश है। डीआर कांगो में इस बीमारी का प्रकोप जारी है, जबकि युगांडा ने अगस्त 2026 में अपना ताजा प्रकोप समाप्त किया था। युगांडा में बुंडिबुग्यो वायरस की प्रजाति पहली बार 2007 में सामने आई थी। जून 2026 में फ्रांस ने भी यात्रा से संबंधित BVD के एक मामले की पुष्टि की थी।
6.52 लाख यात्रियों की हुई स्क्रीनिंग
केन्या मई 2026 से ही हाई अलर्ट पर है। डीआर कांगो और युगांडा में प्रकोप सामने आने के बाद से देश में निगरानी बढ़ाई गई है। 6 अक्टूबर तक 6.52 लाख से अधिक यात्रियों की स्क्रीनिंग, 267 संदिग्ध नमूनों की जांच और करीब 5,000 स्वास्थ्यकर्मियों को इबोला की रोकथाम और प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
WHO और उसके सहयोगी संगठनों ने केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय तथा नेशनल पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट को तैयारियों में सहयोग दिया है। देश के 27 उच्च जोखिम वाले काउंटियों में आइसोलेशन इकाइयों की पहचान और समीक्षा की गई है। संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान, रिपोर्टिंग और जांच के लिए निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
WHO ने यात्रा प्रतिबंध के खिलाफ दी सलाह
WHO ने फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर डीआर कांगो, युगांडा या केन्या की यात्रा अथवा व्यापार पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाने की सलाह नहीं दी है। संगठन ने कहा कि वह स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर यात्रा एवं व्यापार संबंधी उपायों की समीक्षा करेगा।
WHO के अफ्रीका क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मोहम्मद जनाबी ने कहा कि स्वास्थ्य आपातकालीन तैयारियों ने केन्या को तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद की है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता अब किसी भी नए मामले की जल्द पहचान करना है, ताकि वायरस को फैलने का अवसर न मिले।
क्या है बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी?
बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी एक गंभीर और कई मामलों में जानलेवा बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के रक्त या शरीर के तरल पदार्थ के सीधे संपर्क में आने अथवा दूषित सामग्री के संपर्क से फैल सकती है। फिलहाल इसके लिए कोई स्वीकृत टीका या विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है, हालांकि संभावित टीकों और उपचार संबंधी उत्पादों का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है।
केन्या की इबोला तैयारियों का स्कोर मई 2026 में 66 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 82 प्रतिशत हो गया था। WHO ने बताया कि संगठन ने उच्च जोखिम वाले काउंटियों के लिए करीब 1,000 इबोला टेस्ट और 1,000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट भी उपलब्ध कराए हैं।