महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के भुदरगढ़ तालुका में तरन्नुम बशीर नाइक की मौत के मामले में उसके प्रेमी श्रीपाद दिनकर वडर पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस के मुताबिक, श्रीपाद उसे घुमाने के बहाने नाइकवाड़ी झरने के पास ले गया था। वहां शादी तय होने और पुराने रिश्ते को आगे न बढ़ाने की बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद श्रीपाद ने तरन्नुम को खाई में धकेल दिया, जिससे करीब 1000 फीट नीचे गिरकर उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी खुद भुदरगढ़ पुलिस स्टेशन पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि दोनों सेल्फी ले रहे थे और पैर फिसलने के कारण तरन्नुम खाई में गिर गई। हालांकि, पुलिस को उसकी कहानी पर शक हुआ। पूछताछ के दौरान श्रीपाद ने अपना अपराध कबूल कर लिया।
शादी की बात पर नाइकवाड़ी झरने के पास हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह श्रीपाद तरन्नुम को घुमाने के बहाने नाइकवाड़ी झरने पर ले गया था। झरने की चोटी पर तरन्नुम ने उसे बताया कि उसकी शादी तय हो गई है और अब वह पुराने रिश्ते को आगे नहीं बढ़ा सकती।
इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। आरोप है कि गुस्से में श्रीपाद ने तरन्नुम को गहरी खाई में धकेल दिया। पुलिस को शक है कि शादी तय होने और रिश्ते को खत्म करने की बात इस घटना की वजह बनी।
पुलिस स्टेशन पहुंचकर सुनाई सेल्फी वाली कहानी
तरन्नुम को खाई में धकेलने के बाद श्रीपाद वडर खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा। उसने दावा किया कि सेल्फी लेते समय तरन्नुम का पैर फिसला और वह खाई में गिर गई।
पुलिस को इस बयान पर संदेह हुआ। इसके बाद आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई और तरन्नुम का शव बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान श्रीपाद ने हत्या की बात कबूल कर ली।
पांच साल से था प्रेम संबंध, एक महीने बाद होनी थी शादी
तरन्नुम इंजीनियरिंग की छात्रा थी। श्रीपाद और तरन्नुम एक ही कॉलोनी में रहते थे और दोनों के बीच करीब 5 साल से प्रेम संबंध था।
जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर (शुक्रवार) की सुबह से तरन्नुम नाइक लापता थी। उसकी शादी एक महीने बाद होने वाली थी। 10 अक्टूबर (शनिवार) शाम को श्रीपाद खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा था। इसके बाद मामले की जांच के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार किया।
परिजनों ने निष्पक्ष जांच और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग की
तरन्नुम गारगोटी के शिवाजीनगर की रहने वाली थी। उसकी मौत के बाद ग्रामीणों और रिश्तेदारों में आक्रोश है। इस बीच चर्चा है कि आरोपी श्रीपाद किसी राजनीतिक नेता का करीबी है।
परिजनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी राजनीतिक दबाव के बिना सख्त कार्रवाई हो। परिवार चाहता है कि मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए।