- यूपी विधान परिषद की 11 सीटों पर 55.24 प्रतिशत मतदान
- गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर सर्वाधिक 79.01 प्रतिशत वोटिंग
- सपा ने भाजपा पर फर्जी मतदान और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए
- 152 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 27 अक्टूबर को होगा
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MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए आज (23 अक्टूबर) मतदान हुआ। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए वोट डाले और उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद कर दी।
शुक्रवार सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक वोटिंग हुई। जिन सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें बिहार की 8, कर्नाटक की 4, महाराष्ट्र की 5 और उत्तर प्रदेश की 11 सीटें शामिल हैं। सबकी नजरें बिहार और उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणामों पर टिकी होंगी। इन सभी सीटों के नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए शुक्रवार को मतदान हंगामे और अनियमितताओं के आरोपों के बीच संपन्न हुआ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के जारी आंकड़ों के अनुसार, शाम चार बजे तक प्रदेश में 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कई जिलों में मतदाता सूची में गड़बड़ी और कथित फर्जी मतदान को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के समर्थकों के बीच विवाद हुआ। कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। चुनाव में उतरे 152 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है।
मुजफ्फरनगर से गोरखपुर तक विवाद
मतदान के दौरान फतेहपुर, आगरा, सीतापुर, लखीमपुर, मैनपुरी, वाराणसी, मुजफ्फरनगर और गोरखपुर समेत कई जिलों में विवाद और नोकझोंक की खबरें सामने आईं। समाजवादी पार्टी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी मतदान कराने और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई से होनी है।
अखिलेश यादव ने उठाए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदान के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए। सपा की ओर से आरोप लगाया गया कि कई स्थानों पर उसके समर्थकों को मतदान से रोकने की कोशिश की गई और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास हुए।
गोरखपुर-फैजाबाद में सबसे ज्यादा मतदान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर सर्वाधिक 79.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बरेली-मुरादाबाद में 73.69 प्रतिशत, वाराणसी में 68.21 प्रतिशत, आगरा में 63.84 प्रतिशत, मेरठ में 60.80 प्रतिशत और लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 50.92 प्रतिशत मतदान हुआ।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में इलाहाबाद-झांसी में 41.40 प्रतिशत, वाराणसी में 41.01 प्रतिशत, मेरठ में 39.81 प्रतिशत और लखनऊ में 38.02 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान लगभग 51 प्रतिशत रहा। इस तरह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहा।
भाजपा और सपा के बीच मुकाबला
भाजपा ने यूपी में सभी 11 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार शामिल हैं। पार्टी की ओर से लखनऊ स्नातक सीट पर अवनीश कुमार सिंह, आगरा में डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, वाराणसी में केदारनाथ सिंह, मेरठ में दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी में अशोक कुमार राठौर को मैदान में उतारा गया।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा ने लखनऊ से उमेश द्विवेदी, आगरा से हरि किशोर तिवारी, मेरठ से श्रीचंद शर्मा, बरेली-मुरादाबाद से डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, वाराणसी से डॉ. प्रमोद मिश्रा और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया।
समाजवादी पार्टी ने भी सभी 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाया। दोनों दलों के लिए ये चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मतदान के दौरान सामने आए विवादों के बीच अब प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजरें मतगणना पर टिकी हैं।
27 अक्टूबर को आएंगे परिणाम
उत्तर प्रदेश की 11 सीटों के अलावा बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी विधान परिषद की सीटों के लिए मतदान हुआ। चारों राज्यों की कुल 28 सीटों के परिणाम 27 अक्टूबर को घोषित किए जाने हैं। उत्तर प्रदेश में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ, जिसमें कुल 14.28 लाख मतदाताओं के लिए 2,697 मतदान केंद्र बनाए गए थे।