हाइलाइट्स
• मुरली मनोहर जोशी बोले- बच्चों की मांगों को डंडा मारकर सुनना सही नहीं
• नई शिक्षा नीति के नतीजों पर अभी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी
• CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर निष्पक्ष चुनाव की बात
• बोले- लोकतंत्र में सरकार जवाबदेह और नौकरशाही पारदर्शी होनी चाहिए
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने नई शिक्षा नीति और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर अपनी बात रखी। नई शिक्षा नीति पर उन्होंने कहा कि इसे लागू हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है, इसलिए अभी इसके परिणामों पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। वहीं सीईसी विवाद पर उन्होंने निष्पक्ष चुनाव, जवाबदेह सरकार और पारदर्शी व्यवस्था को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया।
नई शिक्षा नीति पर जल्दबाजी में निष्कर्ष से बचने की बात
नई शिक्षा नीति को लेकर मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि अभी इस पर किसी नतीजे तक पहुंचना जल्दबाजी होगी। उनके मुताबिक नीति को लागू हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है और इसकी प्रक्रिया अभी जारी है।
उन्होंने कहा कि यह अभी शुरुआत है और इसके परिणाम आगे पता चलेंगे। ऐसे में फिलहाल इसके नतीजों को लेकर कुछ कहना उचित नहीं होगा।
छात्र आंदोलन को लेकर जोशी ने कहा कि बच्चों की मांगों को डंडा मारकर सुनना सही नहीं है।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर क्या बोले जोशी?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन पर मुरली मनोहर जोशी ने लोकतंत्र की व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा होनी चाहिए।
जोशी ने अब्राहम लिंकन के इसी विचार का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा, जब चुनाव निष्पक्ष हों, सरकारें जवाबदेह हों, नौकरशाही पारदर्शी हो और विपक्ष भी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाए।
संविधान के दायरे में हो पूरी प्रक्रिया
मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि विपक्ष के पास एक स्पष्ट वैकल्पिक कार्यक्रम भी होना चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र की पूरी व्यवस्था को संविधान के दायरे में चलाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि अगर संविधान का उल्लंघन होता है तो सुप्रीम कोर्ट को उस मामले को देखना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का विरोध जारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का विरोध पिछले कुछ दिनों में तेज हुआ है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में गड़बड़ियां हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
दिल्ली में मार्च और हिरासत का मामला
इसी मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
आठ अक्तूबर को भी विपक्षी दलों का प्रदर्शन जारी रहा और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई गई।