- देशभर में 3.20 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ
- दिव्यांगजन पेंशन के लिए पात्रता सीमा 80 से 40 प्रतिशत हुई
- वृद्धावस्था, विधवा पेंशन और परिवार लाभ योजना जारी रहेंगी
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National Social Assistance Programme Extension: केंद्र सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने वाली राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 53,428 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय को स्वीकृति दी है।
सरकार के इस फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
इस फैसले का सबसे अहम असर दिव्यांगजन पेंशन योजना पर पड़ेगा, जिसके पात्रता मानदंडों में बदलाव किया गया है। वहीं, वृद्धजनों और विधवाओं के लिए पेंशन योजनाओं तथा राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना को उनके मौजूदा स्वरूप में जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
योजनाओं से इंदिरा गांधी का नाम हटा
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम और इसकी विभिन्न उप-योजनाओं के नाम बदलने को भी मंजूरी दी है। इसके तहत राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना होगा।
इसी तरह, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना किया जाएगा।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना को प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना को प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के नाम से जाना जाएगा।
नाम बदलने के साथ वृद्धजनों और विधवाओं के लिए मौजूदा पेंशन योजनाओं तथा परिवार लाभ योजना की व्यवस्था जारी रहेगी। इसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी इन योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक निरंतर बनाए रखना है।
दिव्यांगजन पेंशन के नियमों में बड़ा बदलाव
कैबिनेट के फैसले के तहत दिव्यांगजन पेंशन योजना के पात्रता मानदंडों में संशोधन किया गया है। अब बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा मौजूदा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। इससे निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अधिक दिव्यांगजन योजना के दायरे में आ सकेंगे।
एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव के तहत पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त जन्म से निर्धारित की गई है। यानी पात्रता के लिए पहले से लागू न्यूनतम आयु संबंधी शर्त हटाई जाएगी। इससे पात्र दिव्यांग बच्चों को भी योजना के अंतर्गत शामिल करने का रास्ता खुलेगा।
नई व्यवस्था में 0 से 79 वर्ष आयु वर्ग के लिए सहायता राशि 375 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों के लिए 625 रुपये निर्धारित की गई है। पात्रता मानदंड, लाभार्थियों की संख्या और सहायता दर में बदलाव से संबंधित दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी कर लागू किए जाएंगे।
3.20 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ
ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव को मिली मंजूरी से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 3.20 करोड़ लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। योजना के तहत केंद्र सरकार शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है, ताकि देशभर में पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सहायता दी जा सके।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को गरीब परिवारों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।