Highlights
• सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी करार के बाद रोने लगे मुस्कान और साहिल
• फांसी की सजा के डर से दोनों के मानसिक दबाव में होने की बात सामने आई
• मुस्कान बेटी के भविष्य को लेकर परेशान, जेल प्रशासन काउंसिलिंग की तैयारी में
• सजा के फैसले के बाद दोनों को दूसरी जेल में भेजे जाने की संभावना
सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के बाद मुस्कान और साहिल के व्यवहार में बदलाव की बात सामने आई है। जेल सूत्रों के मुताबिक, फैसले के बाद दोनों परेशान हैं और फांसी की सजा के डर से मानसिक दबाव में बताए जा रहे हैं। सुबह से दोनों के रोने की बात भी सामने आई है। साहिल को पहली बार रोते हुए देखा गया।
मुस्कान अपनी मासूम बेटी को सीने से लगाए रहती है। वह बेटी के भविष्य को लेकर भी चिंतित है और इसी संबंध में उसने जेल अधीक्षक से सवाल किए। जेल प्रशासन अब उसकी काउंसिलिंग कराने की तैयारी कर रहा है।
दोषी करार दिए जाने के बाद रोने लगे दोनों
जिला कारागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुधवार शाम करीब 4:35 बजे मुस्कान और साहिल की पेशी हुई। जिला जज द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों रोने लगे।
जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, मुस्कान अपने दुपट्टे से जबकि साहिल अपने हाथों से आंसू पोंछते हुए बैरक में लौटे। बुधवार को दोनों ने जेल में खाना भी कम खाया।
मुस्कान तीन दिन से जेल में पूजा कर रही थी। वह सुंदर कांड के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा करने में भी लगी रही।
फैसले की तारीख तय होने के बाद बदला व्यवहार
डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि शुरुआत में दोनों जेल में सामान्य जिंदगी व्यतीत कर रहे थे। लेकिन 30 सितंबर को फैसले की तारीख तय होने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा।
पिछले कुछ दिनों से दोनों खानपान भी सही तरीके से नहीं ले रहे थे। दोषी करार दिए जाने के बाद उनकी बेचैनी और बढ़ने की बात सामने आई है।
बेटी के भविष्य को लेकर परेशान है मुस्कान
मुस्कान अपनी छोटी बेटी को सीने से लगाए रहती है। उसकी छोटी बेटी उसके साथ जेल में रह रही है। मुस्कान को बेटी के भविष्य की चिंता सता रही है और उसने जेल अधीक्षक से इस बारे में सवाल भी किए।
इसके अलावा उसने जेल अधिकारियों से अपने मां-बाप और बड़ी बेटी से मिलने की इच्छा जताई थी। अधिकारियों ने उसे बताया कि उसके मां-बाप मिलने आएंगे तो उसे उनसे मिलवा दिया जाएगा।
मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलने के लिए काफी इच्छुक है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि अब तक मुस्कान से मिलने कोई भी पारिवारिक सदस्य नहीं आया है।
अदालत की प्रक्रिया और वकील को लेकर भी पूछे सवाल
दोषी करार दिए जाने के बाद मुस्कान ने जेल में अदालत की प्रक्रिया और वकील से जुड़े सवाल भी पूछे। बताया जा रहा है कि फैसले के बाद उससे मिलने के लिए अभी तक कोई परिजन जेल नहीं पहुंचा है।
परिवार की ओर से दूरी बनाए रखने की बात भी चर्चा में है।
अब सजा के फैसले पर टिकी निगाहें
हत्याकांड में दोषसिद्धि के बाद अब सजा से जुड़ा फैसला होना बाकी है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल के नियमों के तहत दूसरी जेल में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है।
वहीं, सौरभ के परिजन अदालत के निर्णय से राहत मिलने की बात कह चुके हैं। सौरभ की मां रेनू देवी, भाई बबलू, ताई इंद्रा और बुआ कुसुम समेत अन्य परिजन दोषी करार दिए जाने के दौरान न्यायालय में मौजूद थे। परिजनों ने दोनों को फांसी की सजा दिए जाने की उम्मीद जताई है।