Nishant Kumar Oath: राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार अचानक सुर्खियों के केंद्र में आ गए हैं। खबर है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे अब सीधे सत्ता के गलियारों में एंट्री लेने जा रहे हैं और उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, आगामी कैबिनेट विस्तार में निशांत कुमार को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह विस्तार गुरुवार को प्रस्तावित है, और माना जा रहा है कि लंबे समय तक राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत अब सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हो गए हैं।
राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई को इस कैबिनेट विस्तार का आयोजन किया जाना है। यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसी क्रम में निशांत कुमार का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। कार्यक्रम से पहले राज्य की राजनीति में गतिविधियां तेज हो गई हैं और कई वरिष्ठ नेता लगातार बैठकों में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि संजय झा और विजय चौधरी ने हाल ही में पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड पर नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा के साथ-साथ निशांत कुमार की भूमिका को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक ने कैबिनेट विस्तार की दिशा लगभग तय कर दी है।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले तक निशांत कुमार राजनीति में किसी बड़े पद को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे। जब उनके डिप्टी सीएम बनने की अटकलें लगाई जा रही थीं, तब उन्होंने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि बिना चुनाव जीते सीधे बड़े पद पर बैठना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि पहले उन्हें जनता के बीच जाकर काम करना चाहिए और जमीनी अनुभव हासिल करना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, निशांत कुमार ने शुरुआत में यह योजना बनाई थी कि वे कुछ महीनों तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे और लोगों से सीधे संवाद स्थापित करेंगे। इसके बाद ही वे चुनावी राजनीति में कदम रखेंगे। हालांकि, अब परिस्थितियां बदलती नजर आ रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं जैसे ललन सिंह और अन्य नेताओं के लगातार प्रयासों के बाद वे मंत्री पद स्वीकार करने के लिए तैयार हो गए हैं।
हाल के दिनों में निशांत कुमार बिहार के कई जिलों में सक्रिय रूप से नजर आए हैं। वे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और स्थानीय मुद्दों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि वे धीरे-धीरे राजनीति में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि उन्होंने 8 मार्च को आधिकारिक रूप से जेडीयू की सदस्यता ग्रहण की थी, जिसके बाद से ही उनके सक्रिय होने की चर्चा शुरू हो गई थी।