PM Modi ने कैप्टन स्मित मच्छार से की बात, घटना की ली पूरी जानकारी

PM Modi ने कैप्टन स्मित मच्छार से की बात, घटना की ली पूरी जानकारी
Highlights
• पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की
• पीएम ने उनकी बहादुरी की सराहना की
• घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला
• 174 यात्रियों वाले विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने मुश्किल हालात में दिखाई गई उनकी बहादुरी की सराहना की और घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार के अनुभव के बारे में भी जाना और उनके जल्द ठीक होने की कामना की।

पीएम मोदी ने कैप्टन मच्छार से क्या पूछा?

फोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि मुश्किल परिस्थिति के दौरान कैप्टन मच्छार ने खतरे का सामना किस तरह किया और अपना हौसला कैसे बनाए रखा।

प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

विमान में हुई थी पायलट पर हमला करने की कोशिश

बुधवार को फ्लाईदुबई का विमान दुबई से इस्राइल की राजधानी तेल अवीव जा रहा था। इसी दौरान विमान को क्रैश कराने की कोशिश की गई। घटना में विमान के सह-पायलट पर आरोप है कि उसने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर नुकीली चीज से हमला किया।

हमले में कैप्टन मच्छार बुरी तरह घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद कुछ यात्री अंदर पहुंचे और आरोपी को काबू किया।

यात्रियों ने आरोपी को काबू किया, विमान की सुरक्षित लैंडिंग

कॉकपिट में पहुंचे यात्रियों ने आरोपी को नियंत्रित किया। इसके बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। इस पूरी घटना के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने घायल होने के बावजूद हिम्मत बनाए रखी।

विमान में सवार थे 174 यात्री

हमले के समय विमान में 174 यात्री सवार थे। इनमें से 150 यात्री इस्राइली नागरिक थे। कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों के वहां पहुंचने से आरोपी को काबू किया जा सका और विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साहस के लिए कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की और घटना से जुड़ी पूरी जानकारी ली।