- पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दिखाई ट्रेन को हरी झंडी
- गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच रेल संपर्क होगा मजबूत
- जयपुर और आगरा सहित प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी एक्सप्रेस
- काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा नया विकल्प
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Sabarmati Varanasi Superfast Express: गुजरात से काशी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को अब रेल संपर्क का एक नया विकल्प मिल गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साबरमती-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई रेल सेवा से गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। साथ ही श्री काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं को भी यात्रा का एक नया विकल्प मिलेगा। प्रधानमंत्री ने इसी अवसर पर उत्तर गुजरात के लिए बेचाराजी मेमू रेल सेवा को भी रवाना किया।
साबरमती रेलवे स्टेशन पर इस अवसर पर समारोह आयोजित किया गया। नई ट्रेन अहमदाबाद के साबरमती स्टेशन से वाराणसी के बीच दैनिक सेवा के रूप में शुरू की गई है। यह गुजरात को राजस्थान के रास्ते उत्तर प्रदेश से जोड़ेगी। इसके मार्ग में जयपुर, आगरा और वाराणसी जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इससे इन शहरों के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। नई रेल सेवा से तीन राज्यों के बीच लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक और विकल्प उपलब्ध होगा।
काशी जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा नया विकल्प
साबरमती-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस शुरू होने से गुजरात और राजस्थान के यात्रियों को काशी तक पहुंचने में सहूलियत होगी। वाराणसी देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल है। यहां स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। गुजरात से बड़ी संख्या में लोग धार्मिक और पर्यटन संबंधी यात्राओं के लिए वाराणसी आते हैं। ऐसे में नई ट्रेन से उन्हें रेल यात्रा का एक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
इस सेवा का महत्व केवल धार्मिक यात्राओं तक सीमित नहीं है। गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार, पर्यटन और अन्य जरूरतों के लिए भी लोगों का आवागमन होता है। जयपुर और आगरा जैसे प्रमुख शहरों को इस रेल संपर्क से जोड़ने के कारण अलग-अलग क्षेत्रों के यात्रियों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है। यह सेवा अंतरराज्यीय यात्रा को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन गतिविधियों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।
नई ट्रेन को बजट के अनुकूल रेल यात्रा विकल्प के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे काशी आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा विद्यार्थियों, कामकाजी लोगों और परिवारों को भी लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक नया साधन मिलेगा।
बेचाराजी मेमू सेवा से स्थानीय यात्रियों को लाभ
प्रधानमंत्री ने साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस के साथ बेचाराजी मेमू रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। यह सेवा मेहसाणा, बेचाराजी और साबरमती को जोड़ेगी। इसका उद्देश्य उत्तर गुजरात में स्थानीय रेल संपर्क को बेहतर बनाना है। इस सेवा से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों और स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
बेचाराजी क्षेत्र में स्थित मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी इस रेल सेवा से लाभ मिलने की उम्मीद है। मेहसाणा, बेचाराजी और साबरमती के बीच संपर्क बनने से स्थानीय स्तर पर आवागमन के लिए रेल का एक और विकल्प उपलब्ध होगा। खास तौर पर कामकाज के सिलसिले में नियमित यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सेवा उपयोगी होगी।
समारोह में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
साबरमती रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद राजेश शुक्ला, अहमदाबाद पश्चिम के सांसद दिनेशभाई मकवाणा, अहमदाबाद के महापौर हितेशभाई बारोट और मणिनगर के विधायक अमूल भट्ट मौजूद रहे। इनके अलावा अमराईवाड़ी के विधायक डॉ. हसमुखभाई पटेल, बापूनगर के विधायक दिनेशसिंह कुशवाह, दरियापुर के विधायक कौशिक जैन, नरोडा की विधायक डॉ. पायलबेन कुकरानी और ठक्करबापानगर की विधायक कंचनबेन रादड़िया भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
दस्करोई के विधायक बाबूभाई पटेल, नारणपुरा के विधायक जितेंद्रकुमार पटेल, एलिसब्रिज के विधायक अमितभाई शाह और साबरमती के विधायक हर्षदभाई पटेल भी उपस्थित रहे। भाजपा अहमदाबाद शहर अध्यक्ष प्रेरकभाई शाह तथा पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल की अपर मंडल रेल प्रबंधक मंजू मीणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए।
दोनों रेल सेवाओं की शुरुआत से एक ओर गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच लंबी दूरी का संपर्क मजबूत होगा, वहीं दूसरी ओर उत्तर गुजरात के स्थानीय यात्रियों को भी आवागमन की सुविधा मिलेगी।