प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर देश में मचे राजनीतिक घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं को एक बड़ा आश्वासन देते हुए कहा है कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखे अपने एक पोस्ट में कहा, “ देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।”
राहुल गांधी ने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाये। इसके साथ ही उन्होंने दो मांगे और रखीं जिनमें कहा गया कि सरकार छात्रों से माफ़ी मांगे और
छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।