पूर्णिया का मखाना पहली बार ग्रीस पहुंचा

पूर्णिया का मखाना पहली बार ग्रीस पहुंचा
हाइलाइट्स:
• पूर्णिया से ग्रीस भेजी गई एक मीट्रिक टन मखाने की खेप
• एपीडा ने अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने में की मदद
• बिहार देश के कुल मखाना उत्पादन का 80-85 प्रतिशत करता है
• 35 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में होती है मखाने की खेती
• घरेलू बाजार से अधिक कीमत मिलने से बढ़ी निर्यात की उम्मीद

Makhana Export From Bihar: बिहार के पूर्णिया का पारंपरिक मखाना अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रहा है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से पूर्णिया से ग्रीस के लिए एक मीट्रिक टन फूल मखाना (Popped Makhana) की खेप रवाना की गई है। इस पहल का उद्देश्य बिहार के मखाना उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ना और किसानों के लिए बेहतर आय के अवसर पैदा करना है।
यह खेप पूर्णिया के बेलौरी स्थित इंडो ग्लोबल एक्सपोर्ट से मंगाई गई है और नई दिल्ली की एस.एस. फूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए ग्रीस भेजी जा रही है। मखाना भारत के मुंद्रा पोर्ट से ग्रीस के पिराएउस पोर्ट तक पहुंचेगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिली घरेलू कीमत से अधिक कीमत

इस निर्यात की खास बात यह रही कि मखाने के लिए घरेलू बाजार में मिलने वाली कीमत की तुलना में अधिक कीमत प्राप्त हुई। इससे संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार मखाना उत्पादकों के लिए अतिरिक्त मूल्य सृजित करने की क्षमता रखते हैं।

निर्यात के माध्यम से उत्पादकों और विदेशी खरीदारों के बीच सीधे व्यावसायिक संबंध मजबूत होने की संभावना है। इससे किसानों और उत्पादक समूहों को बेहतर कीमत तथा निर्यात मूल्य श्रृंखला में अधिक भागीदारी के अवसर मिल सकते हैं।

भारत के मखाना उत्पादन में बिहार की बड़ी हिस्सेदारी

भारत मखाना उत्पादन में दुनिया में अग्रणी देशों में शामिल है और देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी करीब 80-85 प्रतिशत है। राज्य के करीब 10 जिलों में 35,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मखाने की खेती की जाती है।

मखाना क्षेत्र को तकनीकी सहायता देने में बिहार एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, सबौर और आईसीएआर-नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर मखाना, दरभंगा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इससे उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता और निर्यात क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दिखाई खेप को हरी झंडी

पूर्णिया से मखाने की खेप रवाना करने के कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने की। कार्यक्रम में APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव, बिहार सरकार के कृषि विभाग के बागवानी निदेशक अभिषेक कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी और मखाना निर्यात मूल्य श्रृंखला से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ग्रीस को मखाने का निर्यात बिहार के मखाना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 7,000 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और उससे बने उत्पादों का निर्यात किया, जिसका मूल्य 22 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।

निर्यात बढ़ाने के लिए पैकहाउस तैयार

कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार किसानों की मदद और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि निर्यात नीति पर काम कर रही है। मखाना निर्यात मूल्य श्रृंखला को सहयोग देने के लिए पैकहाउस भी बनाए गए हैं।
APEDA भारतीय मखाने को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए निर्यातकों और विदेशी बाजारों के बीच संपर्क बढ़ाने में सहयोग कर रहा है। यूरोपीय बाजारों में भारतीय मखाने की मांग बढ़ने से बिहार के उत्पादकों के लिए पारंपरिक बाजारों से आगे कारोबार विस्तार के नए अवसर खुल रहे हैं।

पूर्णिया से ग्रीस को भेजी गई यह खेप बिहार के मखाना उत्पादकों को वैश्विक मांग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और बिहार के पारंपरिक मखाने को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।