लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती एक बार फिर दोहराई है। अपनी पहली चुनौती के 24 घंटे बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद की जगह पर बहस कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस चर्चा में मीडिया और देश के युवाओं को भी शामिल किया जाए। इतना ही नहीं, राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो मोहन भागवत को भी बहस का जज बना सकते हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से जल्द बहस के लिए सामने आने की अपील करते हुए विदेशी संबंधों और देशद्रोह के आरोपों पर भी चर्चा करने की बात कही।
राहुल गांधी बोले- 24 घंटे हो गए, अब बहस के लिए आइए
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, "24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।"
उन्होंने आगे कहा, "देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत।"
राहुल गांधी का कहना है कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद के मंच पर इस बहस के लिए आ सकते हैं। उन्होंने इस चर्चा को सार्वजनिक रखने और इसमें मीडिया तथा युवाओं की मौजूदगी का प्रस्ताव भी रखा।
मोहन भागवत को जज बनाने का भी दिया सुझाव
खुली बहस का प्रारूप बताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि दोनों नेता आमने-सामने बैठकर चर्चा करेंगे। इसमें मीडिया और देश के युवा भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री को जज चुनने की भी छूट दी।
राहुल गांधी ने कहा, "दोनों मिलेंगे, मीडिया होगी, देश के युवा होंगे, टेबल होगी, एक साइड आप बैठोगे, एक साइड मैं बैठूंगा। जिसको आप जज बनाना चाहते हो, बना दो। मोहन भागवत जी को बिठा दो, चलो। और फिर डिबेट करते हैं।"
यूएस डील, अडानी केस और एपस्टीन का मुद्दा भी उठाया
राहुल गांधी ने कहा कि प्रस्तावित बहस में केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि वित्तीय व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने अमेरिका के साथ हुई डील को लेकर सवाल उठाए कि यह समझौता कैसे और क्यों हुआ? इसे इतनी जल्दी क्यों किया गया और प्रधानमंत्री ने इसे अकेले क्यों किया? उन्होंने यह भी पूछा कि कैबिनेट को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।
इसके अलावा राहुल गांधी ने अडानी केस बंद होने और एपस्टीन के मुद्दे पर भी चर्चा की मांग की।
उन्होंने कहा, "सवाल उठेंगे फाइनेंशियल सिस्टम पर, फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर, यूएस डील कैसे हुई, क्यों हुई, इतनी जल्दी क्यों हुई, सिर्फ आपने क्यों की, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया, अडानी का केस बंद क्यों हुआ, एपस्टीन- ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिसपे खुलकर डिस्कशन होगा।"
राहुल गांधी ने मानहानि के मुकदमों का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा कि अगर उनके खिलाफ आरोप लगाए जाते हैं, तो उन पर खुली बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "आ जाइए, डरिए मत। दूध का दूध, पानी का पानी कीजिए। आप आरोप लगाते हैं ना मेरे ऊपर, आ जाइए, सब साफ हो जाएगा।"
कांग्रेस नेता ने अपने खिलाफ दर्ज मानहानि के मुकदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर शायद 45 मानहानि के केस दर्ज हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा, "मगर इस डिबेट मामले पे, विदेशी संबंधों पर आप मानहानि नहीं लगा रहे हो। लगाइए ना, वहां भी डिस्कस करेंगे, खुल के। ये सब डिस्कस करते हैं, आइए।"
अपनी पोस्ट के आखिर में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, "हैप्पी दिवाली, मोदी जी।"