हाइलाइट्स
• रुबियो के दौरे पर राहुल का PM मोदी पर तंज
• बोले- चाहें तो मैं भी समझा सकता हूं
• व्यापार, ऊर्जा और तकनीक पर होगी चर्चा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी ही इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आखिर क्या हो रहा है। राहुल ने यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो वह खुद इस मामले को समझा सकते हैं।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह टिप्पणी की। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब रुबियो की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत होनी है।
राहुल गांधी ने एक्स पर क्या लिखा?
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मिस्टर रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है। मोदी जी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी उलझन में हैं कि आखिर चल क्या रहा है। बेहतर होगा कि आप ही समझा दें। या फिर, अगर आप चाहें तो मैं भी समझा सकता हूं।'
इस पोस्ट के जरिए राहुल गांधी ने रुबियो के दौरे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसा और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की कथित उलझन का मुद्दा उठाया।
17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान के दौरे पर रहेंगे रुबियो
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान की यात्रा करेंगे। भारत में उनके मुंबई और जामनगर जाने का कार्यक्रम है। इस दौरान वह भारतीय सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करना तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करना है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भी मुंबई में रुबियो से मिलने की संभावना है।
व्यापार, तकनीक और निवेश पर रहेगा फोकस
अमेरिकी प्रतिनिधि सर्जियो गोर के मुताबिक, रुबियो की यात्रा में व्यापार से जुड़े मुद्दों को खास महत्व दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने, तकनीकी साझेदारी और निवेश के नए अवसर तलाशने पर बातचीत होगी।
रुबियो कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इसका उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करना है।
रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग का जिक्र
सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य अभ्यास और रक्षा साझेदारी से आपसी संबंध मजबूत हो रहे हैं।
तकनीक के क्षेत्र में दोनों तरफ निवेश बढ़ रहा है और कई अमेरिकी कंपनियों ने भारत में बड़े उत्पादन केंद्र स्थापित किए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र पर बात करते हुए गोर ने बताया कि अमेरिका भारत से बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाएं खरीदता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पिछले सप्ताह हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, इसके बाद भी दोनों देशों के रिश्तों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
भारत से पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री
भारत पहुंचने से पहले मार्को रुबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे। वहां वह C5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होंगे और मध्य एशियाई देशों के अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
इस बैठक में अमेरिका और मध्य एशिया के बीच रणनीतिक सहयोग तथा व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होगी। इसके बाद रुबियो के भारत दौरे में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।