हाइलाइट्स :
• चंपत राय समेत 3 लोग बने गवाह
• चार्जशीट में 133 गवाहों के नाम
• तीनों आरोपी नहीं, गवाह हैं
• ट्रायल में दर्ज होगा बयान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के बाद दाखिल चार्जशीट में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बल्कि गवाह बनाया गया है। 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के बाद विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन की अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें तीनों के नाम गवाहों की सूची में शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले में कुल 133 गवाह बनाए हैं। मुकदमे का ट्रायल शुरू होने के बाद इन गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए जाएंगे।
चंपत राय समेत तीनों से किन मामलों पर हो सकती है गवाही?
चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से ट्रस्ट की व्यवस्था, चढ़ावे की गणना और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में पुलिस की ओर से साक्ष्य लिए जाने की संभावना है।
हालांकि, किसी व्यक्ति को गवाह बनाए जाने का यह अर्थ नहीं है कि अदालत ने उसकी किसी भूमिका या जिम्मेदारी पर अंतिम निष्कर्ष दे दिया है।
चंपत राय से जुड़ी व्यवस्था पर भी होगी गवाही
चंपत राय लंबे समय तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव रहे। इसी अवधि में मंदिर में चढ़ावे की गणना और उससे संबंधित व्यवस्थाएं संचालित होती रहीं।
चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठते रहे थे। पुलिस की पहली जांच में भी व्यवस्था संबंधी लापरवाही के पहलू सामने आने की बात कही गई थी।
ट्रायल के दौरान पूछे जा सकते हैं सवाल
अब चार्जशीट में चंपत राय को आरोपी के बजाय गवाह बनाया गया है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान उनसे उस व्यवस्था और घटनाक्रम से जुड़े सवाल किए जा सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी ट्रस्ट के स्तर पर तय थी।