RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किया, महंगाई अनुमान भी बढ़ा

RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किया, महंगाई अनुमान भी बढ़ा
हाइलाइट्स
• आरबीआई ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किया
• MSF और बैंक रेट 5.75 प्रतिशत पर समायोजित
• वित्त वर्ष 2026-27 में GDP वृद्धि 7.1 प्रतिशत अनुमानित
• CPI महंगाई का अनुमान बढ़कर 5.2 प्रतिशत हुआ

RBI Monetary Policy 2026: भारतीय रिजर्व बैंक RBI ने 7 अक्टूबर 2026 को मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए पॉलिसी रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अन्य प्रमुख नीतिगत दरों में भी बदलाव किया है।

आरबीआई के मुताबिक, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी MSF रेट और बैंक रेट 5.75 प्रतिशत पर समायोजित किए गए हैं।

मौद्रिक नीति घोषणा के अनुसार स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी SDF रेट 5.25 प्रतिशत पर समायोजित किया गया है। रेपो रेट में बढ़ोतरी का असर बैंकों से मिलने वाले कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ सकता है, जिससे होम लोन, ऑटो लोन और अन्य कर्ज की लागत प्रभावित होने की संभावना रहती है।

आरबीआई ने आर्थिक विकास को लेकर भी अपना अनुमान जारी किया है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। यह अनुमान देश की आर्थिक गतिविधियों और विकास की गति को लेकर केंद्रीय बैंक के आकलन को दर्शाता है।

वहीं, महंगाई के मोर्चे पर आरबीआई RBI  ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए CPI आधारित खुदरा महंगाई दर 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। मौद्रिक नीति में ब्याज दरों और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।

रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर बैंकिंग सिस्टम की उधारी लागत पर पड़ता है। ऐसे में आरबीआई की इस मौद्रिक नीति घोषणा पर बैंक, कर्ज लेने वाले ग्राहक और बाजार सभी की नजर रहती है।