हाइलाइट्स:
• स्मृति मंधाना बनीं भारतीय महिला टीम की नई कप्तान
• हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी
• दोनों के मतभेद की चर्चा ड्रेसिंग रूम तक पहुंची
• मिताली राज ने पहले ही स्मृति को कप्तानी देने की बात कही थी
• अब हरमनप्रीत बतौर बल्लेबाज टीम में खेलेंगी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को स्मृति मंधाना के रूप में नई कप्तान मिल गई है। हरमनप्रीत कौर के तीनों प्रारूपों की कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को स्मृति को टीम की नई कप्तान नियुक्त किया। हालांकि, नेतृत्व में बदलाव के साथ ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कप्तानी को लेकर मतभेद की चर्चा भी सामने आई है।
हरमनप्रीत ने बीसीसीआई के साथ समीक्षा बैठक के बाद कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने 2016 में पहली बार भारत की कप्तानी संभाली थी और हाल ही में जापान में भारत को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल दिलाया।
स्मृति मंधाना को कप्तानी मिलने में हुई देर?
स्मृति मंधाना को हरमनप्रीत की जगह कप्तानी मिलना स्वाभाविक विकल्प माना गया। 2013 में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाली स्मृति तीनों प्रारूपों में 10,000 से अधिक रन बना चुकी हैं और प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं।
स्मृति ने अपने खेल में आक्रामकता भी जोड़ी है। हालांकि, पिछले साल घरेलू मैदान पर भारत के वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद कप्तानी में बदलाव नहीं होने से उनके निराश होने की चर्चा थी। हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने भारत की कप्तानी के लिए अपनी तैयारी का संकेत दिया था।
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद भी स्मृति ने कहा था कि भारत को इससे बड़े टूर्नामेंट जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए।
कप्तानी को लेकर मतभेद का असर ड्रेसिंग रूम तक पहुंचा
वनडे वर्ल्ड कप की सफलता के बावजूद भारत लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप में जल्दी बाहर हुआ। इसके बाद सबसे छोटे प्रारूप में टीम के नेतृत्व को लेकर सवाल उठे, लेकिन चयनकर्ताओं ने उस समय बदलाव नहीं किया।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में गुवाहाटी में हुई समीक्षा बैठक में हरमनप्रीत को नेतृत्व में बदलाव की जरूरत स्पष्ट की गई। इसके बाद उन्होंने खुद कप्तानी छोड़ने का फैसला किया।
इसी दौरान हरमनप्रीत और स्मृति के बीच कप्तानी को लेकर मतभेद भी चर्चा का विषय बने। टीम के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, "वे कुछ समय से कई मुद्दों पर एकमत नहीं थीं और इससे ड्रेसिंग रूम में असहजता साफ दिखाई देने लगी थी।"
मिताली राज ने भी पहले उठाया था कप्तानी का मुद्दा
इस साल की शुरुआत में ब्रिटेन में हुए टी20 वर्ल्ड कप से भारत के बाहर होने के बाद मिताली राज ने पीटीआई से कहा था कि स्मृति को दो-तीन साल पहले ही कप्तानी सौंप देनी चाहिए थी।
मिताली ने हरमनप्रीत की फॉर्म और फिटनेस पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, "मुझे लगा था कि दो-तीन साल पहले ही उन्हें वनडे की कप्तानी दे दी जाएगी। वह अब भी वनडे और टेस्ट की कप्तानी कर सकती हैं और टी20 की कप्तानी शेफाली (वर्मा) जैसी किसी युवा खिलाड़ी को दी जा सकती है।"
वर्ल्ड कप 2022 के बाद भी सामने आई थी गुटबाजी
वर्ल्ड कप 2022 के बाद जब हरमनप्रीत ने मिताली से वनडे कप्तानी संभाली थी, तब दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के रिश्ते खराब दौर से गुजर रहे थे। उस समय टीम में गुटबाजी की बात सामने आई थी।
अब हरमनप्रीत अगले दो-तीन साल खिलाड़ी के तौर पर खेलना जारी रखना चाहती हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि वह और स्मृति टीम के हित में पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ पाती हैं या नहीं।
हाल में भारत ने एशिया कप और एशियाई खेलों में दबदबा बनाया, लेकिन हरमनप्रीत अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर नहीं थीं। अब विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर उनसे उम्मीदें बढ़ेंगी और टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए उन्हें अपने खेल के स्तर में काफी सुधार करना होगा।