काँग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को कोयला आवंटन घोटाले में बरी किए जाने की तारीख़ को आधुनिक राजनीतिक इतिहास का यादगार दिन क़रार देते हुए कहा है कि उनके ख़िलाफ़ पूरी ’लॉबी’ लगी थी।
सोनिया ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित अपने स्तम्भ में कहा कि डॉ सिंह के ख़िलाफ़ लगी लॉबी समन्वित और बहुत संगठित थी जिसमें नौकरशाही से लेकर मीडिया, न्यायपालिका, सिविल सोसायटी और ‘निश्चित तौर पर आरएसएस और बीजेपी’ शामिल थे।
इस आलेख में काँग्रेस नेता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और जवाबदेही नरेन्द्र मोदी सरकार के कामकाज से बिल्कुल उलट है जो ईडी और सीबीआई जैसी अपराधों की जाँच के लिए तय एजेंसियों का स्पष्ट और बेहद दुरुपयोग करती है।
11 अगस्त 2026 के अंक में संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित इस लेक में कहा गया है कि ‘इसका (एजेंसियों का) मकसद राजनेताओं पर दबाव बनाना रहा है। नेताओं को या तो ज़बरदस्ती चुप करा दिया जाता है या चालाकी से BJP में शामिल कर लिया जाता है, या कुछ मामलों में तो उन्हें मंत्री पद तक का इनाम दिया जाता है।’
सोनिया गांधी ने इसमें प्रधानमंत्री के 8 फरवरी 2017 को राज्यसभा में दिये उस वक्तव्य का भी हवाला दिया है जिसमें उन्होंने कहा था, ‘रेनकोट पहनकर नहाने की कला’ सिर्फ डॉ सिंह ही जानते हैं।
विपक्षी दल की नेता ने कहा कि चूंकि श्री मोदी इन दिनों उनको निशाना बनाने के लिए बच्चों को माफ़ कर रहे हैं तो वह इस अवसर का उपयोग डॉ सिंह पर टिप्पणी के लिए ख़ुद को भी माफ़ कर सकते हैं।
अपने आलेख में उन्होंने मनमोहन सिंह की तमाम खूबियां और कामों को गिनाते हुए कहा कि इतिहास उन्हें ‘अच्छे भाव से’ और ‘एक शांत, सौम्य लेकिन बेहद अहम प्रधानमंत्री’ के तौर पर याद रखेगा।