UPI New Rules: दो हजार रुपये तक कुछ नहीं, ज्यादा पर टैक्स

UPI New Rules: दो हजार रुपये तक कुछ नहीं, ज्यादा पर टैक्स

UPI पर MDR को लेकर सरकार का फैसला

₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगेगा,

₹75,000 या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम ₹300 MDR लगेगा ,

₹2,000 तक के UPI भुगतान पर कोई MDR नहीं लगेगा ,

नया MDR 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा

UPI Payments: केंद्र सरकार ने बड़े डिजिटल भुगतानों के लिए नई व्यवस्था लागू करते हुए 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई UPI भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट MDR लगाने का मंगलवार को फैसला किया। हालांकि, 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपए तय की गई है।

हालांकि, व्यक्ति से किसी व्यापारी को किए जाने वाले 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगाया जाएगा और 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर इस शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।

वहीं, दो व्यक्तियों के बीच होने वाले पी2पी यूपीआई लेनदेन पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसे हस्तांतरण यूपीआई लेनदेन की कुल मात्रा का 37 प्रतिशत और मूल्य का 70 प्रतिशत हैं।

MDR से ज्यादा न वसूलें व्यापारी

नई व्यवस्था के तहत भुगतान ऐप प्रदाताओं को अलग से डिजिटल मंच शुल्क लगाने से रोक दिया गया है। बैंकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि व्यापारी एमडीआर की लागत ग्राहकों से न वसूलें। नए शुल्क से मिलने वाली राशि का पांचवां हिस्सा छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई के विस्तार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

शून्य MDR व्यवस्था समाप्त

इसके साथ जनवरी, 2020 से लागू शून्य-एमडीआर व्यवस्था समाप्त हो गई है। इस व्यवस्था को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया था, लेकिन बैंक और वित्तीय-प्रौद्योगिकी FINTEC कंपनियां लंबे समय से इस पर सवाल उठा रही थीं।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, नए बदलाव 15 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी हो जाएंगे। व्यापारी छूट दर (एमडीआर) वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी से लिया जाता है।

रेलवे, दूरसंचार, ईंधन पर  भी असर

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने कहा कि रेलवे, दूरसंचार और ईंधन जैसे आवश्यक क्षेत्रों में प्रति लेनदेन पांच रुपये का एकसमान शुल्क लगेगा, जबकि पूंजी बाजार में भुगतान के लिए एमडीआर की दर 0.02 प्रतिशत होगी।

इन व्यापारियों को राहत

यूपीआई क्यूआर कोड के जरिये हर महीने एक लाख रुपये तक की आय वाले छोटे व्यापारी नई व्यवस्था के तहत पूरी तरह शुल्क मुक्त रहेंगे। सरकार का कहना है कि इस प्रावधान से व्यापारी लेनदेन के 96 प्रतिशत हिस्से पर नए शुल्क का कोई असर नहीं पड़ेगा।