- 25 अक्टूबर को नमो घाट पर होगा ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो
- राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस दिखाएंगे हवाई कौशल
- सूर्य किरण टीम के सटीक एरोबैटिक फॉर्मेशन होंगे प्रमुख आकर्षण
- सारंग हेलीकॉप्टर टीम दिखाएगी तालमेल और उड़ान का कौशल
- प्रचंड, IL-76, IL-78, C-295 और AN-32 भी होंगे शामिल
|
Varanasi Air Show 2026: गंगा के ऊपर आसमान में जब राफेल और सुखोई-30 एमकेआई जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान उड़ान भरेंगे, तो काशी के लोगों को भारतीय वायु सेना की ताकत और उड़ान कौशल का रोमांचक नजारा देखने को मिलेगा।
वाराणसी के नमो घाट पर 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले ‘एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026’ में लड़ाकू विमानों की गर्जना, एरोबैटिक फॉर्मेशन और हेलीकॉप्टरों के शानदार करतब प्रमुख आकर्षण होंगे। भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘विंग्स ओवर गंगा’ रखी गई है।
इस हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना के साथ भारतीय नौसेना और भारतीय सेना के विमान भी हिस्सा लेंगे। आयोजन का उद्देश्य देश की हवाई क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ आम लोगों और युवाओं को वायु सेना से जोड़ना है।
राफेल, सुखोई और तेजस दिखाएंगे ताकत
एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस के शामिल होने की घोषणा की गई है। इन विमानों की गति, फुर्ती और उड़ान क्षमता प्रदर्शन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगी। इनके साथ हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा।
कार्यक्रम में IL-76 और IL-78 जैसे बड़े सैन्य विमान, C-295 तथा AN-32 भी शामिल होंगे। इन विमानों की मौजूदगी भारतीय वायु सेना की लड़ाकू क्षमता के साथ परिवहन और अन्य परिचालन भूमिकाओं की झलक भी पेश करेगी।
सूर्य किरण के फॉर्मेशन और सारंग के करतब
हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम खास आकर्षण होंगी। सूर्य किरण टीम अपने विमानों के बीच सटीक तालमेल, समूह में उड़ान और जटिल एरोबैटिक फॉर्मेशन के लिए जानी जाती है। वहीं, सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों का समन्वित प्रदर्शन दर्शकों को अलग तरह का रोमांच देगा।
इन प्रदर्शनों में पायलटों के कौशल के साथ सटीक प्रशिक्षण, अनुशासन और आपसी तालमेल की अहम भूमिका होगी। हालांकि, रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में प्रत्येक विमान के प्रदर्शन का अलग-अलग कार्यक्रम या समय नहीं दिया गया है।
गंगा की पृष्ठभूमि में दिखेगा आधुनिक विमानन कौशल
‘विंग्स ओवर गंगा’ की परिकल्पना काशी की सांस्कृतिक विरासत और भारतीय वायु सेना की आधुनिक तकनीक को एक साथ प्रस्तुत करने की है। गंगा और वाराणसी के ऐतिहासिक परिवेश के बीच विमानों के समूह की उड़ान इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस कार्यक्रम में भारतीय नौसेना और भारतीय सेना के विमान भी शामिल होंगे। इससे विभिन्न सैन्य सेवाओं के बीच समन्वय और संयुक्त क्षमताओं की झलक मिलेगी।
युवाओं को विमानन करियर के लिए करेगा प्रेरित
यह आयोजन केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए युवाओं को विमानन, एयरोस्पेस तकनीक, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा से जुड़े अवसरों के बारे में प्रेरित करने का प्रयास भी किया जाएगा। विमानों को उड़ान के लिए तैयार करने वाले इंजीनियरों, तकनीशियनों और ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ की भूमिका भी इस प्रदर्शन के पीछे की व्यापक तैयारी को रेखांकित करती है।
भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ इस आयोजन की भावना से जुड़ा है। 25 अक्टूबर को होने वाला यह एरियल डिस्प्ले वाराणसी के लोगों को गंगा के ऊपर भारतीय सैन्य विमानन की क्षमताओं को करीब से देखने का अवसर देगा।