CM Yogi Vs Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। बलरामपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। योगी ने कहा कि अखिलेश भी वहां से नामांकन करें और वह खुद भी चुनाव लड़ें, ताकि मुकाबला आमने-सामने हो सके।
बलरामपुर में मुख्यमंत्री ने 803 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 78 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने अयोध्या के विकास, अपने राजनीतिक विरोधियों और प्रदेश में पिछली सरकारों के कामकाज को लेकर भी बयान दिए।
योगी ने अखिलेश यादव को क्या ऑफर दिया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिलेश यादव उनसे अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाने की बात कहते हैं। इस पर जवाब देते हुए योगी ने अयोध्या को अपना पावन धाम बताया और कहा कि वह वहां राजनीति करने नहीं, बल्कि विकास कार्यों की निगरानी के लिए जाते हैं।
योगी ने कहा, "मुझसे कहते हैं कि मुख्यमंत्री जी अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखा दें। अरे अखिलेश जी, अयोध्या हमारा पावन धाम है, मैं इसलिए जाता हूं कि अयोध्या के विकास में कोई कोताही न हो। उत्तर प्रदेश के पहचान पर कोई कलंक न लगे।"
उन्होंने आगे कहा कि जिस अयोध्या में पहले 3-4 घंटे बिजली मिलती थी और जहां गंदगी का अंबार था, वही अयोध्या अब रामराज्य का उदाहरण बनकर त्रेतायुग का स्मरण करवा रही है।
अखिलेश यादव को सीधे चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं आपको ऑफर करता हूं, आप भी अयोध्या से नामांकन करिये, मैं भी करता हूं, चलिए एक बार किस्मत आजमा लिया जाए। तय हो ही जाए। लड़ाई चेलों से क्यों, लड़ाई सामने होनी चाहिए!"
योगी ने अपने बयान में विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि जनता पहले भी उन्हें चुनाव में बाहर का रास्ता दिखा चुकी है।
बलरामपुर में विकास और वोट की ताकत पर बोले सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वोट की अहमियत और बलरामपुर में हुए बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जनता का एक वोट पहले क्षेत्र में पहचान का संकट और तस्करी की समस्या पैदा करता था, जबकि अब वही वोट विकास और तरक्की का कारण बन रहा है।
योगी के मुताबिक, एक वोट बदमाशों की अराजकता के बजाय क्षेत्र में बदलाव की वजह बन सकता है। उन्होंने कहा कि इससे आकांक्षात्मक जनपद को संभावनाओं वाले जनपद के रूप में आगे बढ़ने का आधार मिलता है।
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस दौर में जमीन पर माफिया का कब्जा हो जाता था और समाजवादी गुंडे व्यापारियों को फोन करके धमकाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि 2017 से पहले बलरामपुर जिले की सड़कें सबसे खराब हुआ करती थीं।
कांग्रेस और सहयोगी दलों पर भी साधा निशाना
बलरामपुर में अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण में बाधक रहे लोग आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "विरोध की भी एक सीमा होती है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सामान्य शिष्टाचार भूल चुके हैं।"
उन्होंने विपक्ष पर लोकतांत्रिक विरोध की सीमा से आगे बढ़कर गाली-गलौच की भाषा इस्तेमाल करने और देश को गुमराह कर अराजकता की ओर ले जाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
बलरामपुर के कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं के साथ-साथ योगी के इन राजनीतिक बयानों ने भी ध्यान खींचा। खास तौर पर अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने का दिया गया ऑफर चर्चा का केंद्र रहा।