Yogi Adityanath on ODOP and Swadeshi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर बापू के स्वदेशी और स्वावलंबन के विचारों को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं था, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का प्रतीक था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ ODOP योजना इसी स्वदेशी भावना को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है।
गांधी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके प्रिय भजनों का श्रवण किया। उन्होंने चरखा चलाकर स्वदेशी और स्वावलंबन के संदेश को भी आगे बढ़ाया। योगी ने कहा कि स्वच्छता से स्वदेशी, स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से ग्राम स्वराज तक बापू के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
मुख्यमंत्री ने गांधी आश्रम के वस्त्रों से जुड़ी अपनी बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि ये वस्त्र केवल कपड़े नहीं थे, बल्कि भारत की आजादी और स्वदेशी भावना के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि बापू ने चरखे के माध्यम से लोगों को अपने श्रम, उत्पाद और सामर्थ्य पर भरोसा करने का संदेश दिया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओडीओपी योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे ‘लोकल से ग्लोबल’ और आत्मनिर्भर भारत के विचार से जोड़ते हुए कहा कि देश की आत्मनिर्भरता की शुरुआत स्वदेशी और स्वावलंबन की भावना से होती है।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और ग्राम स्वराज को भी गांधी के विचारों से जोड़ते हुए कहा कि गांवों को स्वावलंबन का आधार बनाने के लिए ग्राम सचिवालय स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर विभिन्न सुविधाएं मिल रही हैं और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री के ‘जय जवान-जय किसान’ मंत्र ने राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्यान्न आत्मनिर्भरता को एक साथ देश के संकल्प से जोड़ा।
