हाइलाइट्स
• कसारी-मसारी अब कृष्ण पुरी के नाम से जाना जाएगा
• अतीक की जमीन पर बनेगी पद्म लोक आवास योजना
• 1200 परिवारों के लिए टाउनशिप, मार्केट और स्पोर्ट्स पार्क
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके का नाम बदलकर कृष्ण पुरी करने का ऐलान किया है। उन्होंने माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर पद्म लोक आवास योजना के लिए भूमि पूजन किया। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह क्षेत्र कसारी-मसारी के बजाय कृष्ण पुरी के नाम से जाना जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में माफियागिरी को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब कोई माफिया गतिविधियों को अंजाम देने का दुस्साहस नहीं करेगा। ऐसा करने वालों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा और उन्हें अपने बाप-दादा की संपत्ति भी गंवानी पड़ेगी।
एक साल में 1200 परिवारों को मिलेगा आवास
मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 बीघे के परिसर में एक साल के भीतर करीब 1200 परिवारों यानी 6500 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। यहां उनके लिए अलग टाउनशिप विकसित की जाएगी। योजना के तहत आवासीय सुविधाओं के साथ मार्केट, स्पोर्ट्स पार्क और जिम भी बनाए जाएंगे।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, यहां रहने वाले लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस तरह परियोजना के तहत आवास के साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
यूपी की पहचान में बदलाव का किया दावा
सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान को लेकर संकट की स्थिति थी। उनके मुताबिक, पहले यूपी का नाम सुनकर लोग 100 मीटर दूर भागते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं और यूपी का नाम सुनकर लोग पास आते हैं।
उन्होंने प्रयागराज में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि महाकुंभ के चलते सड़कों को चौड़ा किया गया है। मुख्यमंत्री ने कसारी-मसारी और चकिया इलाके का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले वहां जाने का प्रयास कोई नहीं करता था और सामान्य लोगों की तो बात ही छोड़िए, पुलिस की गाड़ी तक नहीं पहुंचती थी।
माफियागिरी करने वालों को योगी की चेतावनी
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में दोहराया कि प्रयागराज में अब माफियागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई ऐसा करने की कोशिश करेगा तो उसे अपनी बाप-दादा की संपत्ति भी गंवानी पड़ सकती है।
मुख्यमंत्री ने कसारी-मसारी का नाम कृष्ण पुरी किए जाने के ऐलान के साथ पद्म लोक आवास योजना के तहत विकसित होने वाली सुविधाओं का भी उल्लेख किया। योजना के अंतर्गत 10 बीघे के परिसर में करीब 1200 परिवारों के रहने और उनकी जरूरतों के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है।