देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया अपने केबिन क्रू के लिए एक नई हेल्थ और फिटनेस पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है, जो आने वाले समय में कर्मचारियों के कामकाज और आय दोनों को प्रभावित कर सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नई नीति 1 मई से लागू हो सकती है और इसमें बॉडी मास इंडेक्स (BMI) को एक अहम मानक बनाया गया है। नई पॉलिसी के तहत जिन केबिन क्रू सदस्यों का BMI तय सीमा से बाहर होगा, उन्हें फ्लाइट ड्यूटी रोस्टर से हटाया जा सकता है। इसका सीधा असर उनकी सैलरी पर पड़ेगा, क्योंकि फ्लाइंग अलाउंस और ड्यूटी आधारित भुगतान एयरलाइन इंडस्ट्री में आय का बड़ा हिस्सा होता है। यानी अगर कोई क्रू मेंबर फिटनेस मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो उसकी कमाई में कटौती संभव है।
हालांकि, यह पॉलिसी सिर्फ BMI तक सीमित नहीं होगी। एयर इंडिया “फंक्शनल फिटनेस टेस्ट” भी लागू करने की योजना बना रही है, जिससे यह आंका जाएगा कि कोई कर्मचारी अपने काम के लिए शारीरिक रूप से कितना सक्षम है। इसमें स्टैमिना, फ्लेक्सिबिलिटी और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जा सकता है। एयरलाइन के इस कदम को सुरक्षा और पेशेवर मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में देखा जा रहा है। केबिन क्रू की भूमिका सिर्फ सर्विस तक सीमित नहीं होती, बल्कि इमरजेंसी के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में फिटनेस को प्राथमिकता देना कंपनी के लिए जरूरी माना जा रहा है।
हालांकि, इस नीति को लेकर कुछ सवाल और चिंताएं भी सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि BMI हमेशा किसी व्यक्ति की वास्तविक फिटनेस का सही पैमाना नहीं होता, क्योंकि यह मांसपेशियों और शरीर की संरचना जैसे पहलुओं को पूरी तरह नहीं दर्शाता। ऐसे में केवल BMI के आधार पर निर्णय लेना विवाद का कारण बन सकता है। कर्मचारी संगठनों और श्रम विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस तरह की नीतियों को लागू करते समय पारदर्शिता और संतुलन बेहद जरूरी है, ताकि कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान का भी ध्यान रखा जा सके।
कुल मिलाकर- एयर इंडिया की यह नई फिटनेस पॉलिसी एयरलाइन इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। जहां एक ओर यह प्रोफेशनल स्टैंडर्ड और सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर यह कर्मचारियों के लिए नई चुनौतियां भी लेकर आ सकती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नीति किस तरह लागू होती है और इसका क्रू मेंबर्स पर क्या असर पड़ता है।