आकाशवाणी से गहराई से जुड़े और देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित प्रख्यात कलाकारों अपने अटूट संबंधों को संजोने के लिए आकाशवाणी ने फोटो गैलरी 'स्वर प्रेरणा वीथिका' स्थापित की है।
इस पहल के पहले चरण में, 20 प्रतिष्ठित संगीत दिग्गजों के चित्रों का अनावरण किया गया। इस गैलरी में भारत रत्न से सम्मानित विदुषी एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी (कर्नाटक गायन), पं. रविशंकर (सितार), विदुषी लता मंगेशकर (पार्श्व गायन), उस्ताद बिस्मिल्लाह खान (शहनाई), पं. भीमसेन जोशी (हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन) और डॉ. भूपेन हजारिका (लोक संगीत) के चित्र शामिल हैं।
साथ ही पद्म विभूषण पुरस्कार विजेताओं पंडित हरिप्रसाद चौरसिया (बांसुरी), उस्ताद अमजद अली खान (सरोद) और उस्ताद अलाउद्दीन खान (सरोद), पं. बिरजू महाराज (कथक) और पद्म भूषण पुरस्कार विजेताओं उस्ताद हाफिज अली खान (सरोद), उस्ताद अहमद जान थिरकवा (तबला), पं. कृष्णराव शंकर पंडित (हिन्दुस्तानी गायन), विदुषी शन्नो खुराना (गायन), पं. देबू चौधरी (सितार), विदुषी शरण रानी बैकलीवाल (सरोद), उस्ताद साबरी खान (सारंगी), पं. राजन मिश्र एवं पं. साजन मिश्रा (हिंदुस्तानी गायन), उस्ताद असद अली खान (रुद्र वीणा) और उस्ताद मुश्ताक हुसैन खान (हिंदुस्तानी गायन) के चित्र भी शामिल है।
आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने और 2027 में भारत में रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष पूरे होने की तैयारी के तहत वीथिका की स्थापना की गई है जिसका उद्घाटन एक जुलाई 2026 को पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने नई दिल्ली स्थित आकाशवाणी भवन के आकाशवाणी रंग भवन सभागार में किया।
इस अवसर पर प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने कहा कि 'स्वर प्रेरणा वीथिका' का उद्घाटन आकाशवाणी की उन महान कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त करने की कोशिशों का पहला चरण है, जिनके अमूल्य योगदान ने आकाशवाणी को देश के प्रमुख सांस्कृतिक संस्थानों में से एक के रूप में स्थापित करने में मदद की।
उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के समर्पित डिजिटल चैनल– हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के लिए ‘रागम्’ और भक्ति संगीत के लिए ‘आराधना’– यूट्यूब, न्यूज ऑन एयर ऐप और वेव्स ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने इस अवसर को "घर वापसी" जैसा बताया। उन्होंने याद किया कि आकाशवाणी के साथ उनका संगीत का सफ़र बच्चों के कार्यक्रम से शुरू हुआ था।