- बोले- सोनिया गांधी का बेटे को पीएम बनाने का सपना अधूरा
- 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी पर रैली को घेरा
- दिल्ली के व्यापारियों के नुकसान का मुद्दा भी उठाया
कांग्रेस को अगले तीन चुनावों में भी हार की चेतावनी
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Amit Shah Rahul Gandhi Mock Parliament: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्ष की ओर से आयोजित मॉक संसद को लेकर शाह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनना है तो वह पूरी जिंदगी मॉक पार्लियामेंट में ही बने रहें। असली संसद में उनका नंबर कभी नहीं आने वाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 15 साल से चुनाव हार रही है और सोनिया गांधी का अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाने का सपना पूरा नहीं हो रहा है। अब पार्टी ने मॉक संसद का नया तरीका खोज लिया है।
अमित शाह रविवार को चंडीगढ़ में प्रशासन की 258 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली, 1984 के सिख विरोधी दंगों और दीपावली के दौरान दिल्ली के व्यापारियों के कारोबार पर भी कांग्रेस को घेरा।
'प्रधानमंत्री बनना है तो पूरी जिंदगी मॉक संसद में रहिए'
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष पिछले 15 वर्षों से चुनाव हार रहा है। उन्होंने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उनका सपना अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाने का है, लेकिन यह पूरा नहीं हो रहा है। अब उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए मॉक संसद का रास्ता चुना है।
शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, ''ठीक है भाई, आपको प्रधानमंत्री बनना है तो पूरी जिंदगी मॉक पार्लियामेंट में ही बने रहिए। आपका नंबर कभी नहीं लगने वाला है।'' उन्होंने विपक्ष पर झूठ फैलाने, अव्यवस्था पैदा करने और संसद की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया।
1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी पर रैली को लेकर निशाना
गृह मंत्री ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की रैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के दिन दिल्ली में रैली आयोजित करना पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। शाह ने कहा कि उस हिंसा में हजारों सिखों की जान गई थी, कई परिवार उजड़ गए थे, बच्चे अनाथ हुए और महिलाओं को विधवा होना पड़ा था।
उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ''जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।'' शाह ने कहा कि जिस दिन सिखों के साथ इतनी बड़ी हिंसा हुई, उसी दिन कांग्रेस को दिल्ली में बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करनी थी। उन्होंने कांग्रेस पर इस तारीख के महत्व की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
व्यापारियों ने रैली की तारीख बदलने की अपील की थी
अमित शाह ने रैली की तारीख को लेकर दिल्ली के व्यापारियों की चिंता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि व्यापारियों ने कांग्रेस नेताओं से दीपावली के बाद रैली आयोजित करने की अपील की थी। शाह के मुताबिक, व्यापारियों ने कहा था कि त्योहार के आसपास के कुछ दिन उनके कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। वे मिठाइयां, पटाखे और कपड़े खरीदकर दुकानें सजाते हैं। यदि इस दौरान बिक्री प्रभावित होती है तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
शाह ने दावा किया कि दिल्ली के थोक बाजारों में दीपावली से पहले तीन-चार दिनों में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है। उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों से लोग त्योहार की खरीदारी के लिए दिल्ली आते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने इस संबंध में तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की, पत्र लिखे और रैली की तारीख बदलने की अपील की, लेकिन कांग्रेस ने उनकी बात नहीं मानी।
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने व्यापारियों की चिंताओं को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय छोटे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित होने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। ये व्यापार और संभावित नुकसान से जुड़े आंकड़े तथा दावे अमित शाह ने अपने संबोधन में रखे।
कांग्रेस को अगले तीन चुनावों में भी हार की चेतावनी
शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगातार तीन चुनावों से कांग्रेस का खाता नहीं खुला है। गृह मंत्री ने दावा किया कि दिल्ली के छोटे व्यापारियों को हुए नुकसान की राजनीतिक कीमत भी कांग्रेस को चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, ''मेरी बात याद रखना, अगले तीन चुनाव तक आपका खाता खुलने वाला नहीं है।''