हाइलाइट्स
• अमित शाह ने भगवंत मान सरकार से पूछा- पंजाब में ड्रग्स की पुड़िया कैसे आ रही है?
• बंदरगाहों पर 20 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़े जाने का किया जिक्र
• गुरदासपुर, संगरूर और मानसा की घटनाओं का उल्लेख कर हुए भावुक
• बोले- मुझे गाली देने से नहीं, नशे का कारोबार बंद करने से होगा फायदा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विजयादशमी के अवसर पर लुधियाना में पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि जब बंदरगाहों पर 20 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई, तो पंजाब में नशा पुड़िया बनकर कैसे पहुंच रहा है। शाह ने राज्य में नशे के कारोबार को समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि इस दिशा में कार्रवाई होनी चाहिए।
अपने संबोधन में अमित शाह ने पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई के दौरान प्रभावित परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के लोगों ने जो स्थिति बताई, वह उन्हें बेहद दुखी करने वाली थी।
'पंजाब में ड्रग्स पुड़िया बनकर कैसे आ जाती है?'
लुधियाना में अमित शाह ने कहा कि बंदरगाहों पर 20 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई। उन्होंने सवाल किया, “क्या आप चाहते हैं कि हम ये न पकड़ें।” इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछा कि पंजाब में ड्रग्स पुड़िया बनकर कैसे आ जाती है।
शाह ने अपने संबोधन में भगवंत मान के जन्मदिन के बाद सीबीआई को सौंपी गई एक जांच का भी जिक्र किया। उन्होंने पंजाब की जनता से वादा किया कि सौंपे गए मामले में जो भी आरोपी होगा, उसे कानून के हवाले किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मैं पंजाब की जनता से वादा करना चाहता हूं कि हमें जो केस उन्होंने सौंपा है, उसमें जो भी आरोपी होगा, कितना भी बड़ा होगा... उसे पाताल से भी ढूंढकर कानून के हवाले पहुंचाएंगे।”
पंजाब के तीन स्थानों का जिक्र कर भावुक हुए अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि इस बार की विजयादशमी को वह अपने जीवन में कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने बताया कि वह गुरदासपुर, संगरूर और मानसा गए थे।
शाह ने इन तीनों स्थानों पर हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरदासपुर में 40 वर्षीय विक्रमजीत सिंह, संगरूर में गुलजार सिंह और मानसा में परविंदर सिंह झोटा को नशे के खिलाफ लड़ाई के कारण या तो अपनी जान गंवानी पड़ी या आत्महत्या करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि वह 30 साल से विधानसभा और लोकसभा में चुनकर आते रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री के तौर पर उन्होंने कई स्थानों पर दुखद घटनाओं के बाद पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है, उन्हें सांत्वना दी है और उनका ढाढ़स बंधाया है।
हालांकि, शाह के मुताबिक, पंजाब में लोगों ने उन्हें जो स्थिति बताई, उसने उन्हें पहले से कहीं अधिक झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रिपोर्टों में जो पढ़ा था, वहां की स्थिति उससे कई गुना ज्यादा परेशान करने वाली लगी।
'किसी ने बेटा, किसी ने भाई, किसी ने पति खोया'
अमित शाह ने पंजाब सरकार से सवाल किया कि नशे के कारण प्रभावित परिवारों को क्या जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “आज मैं यहां आप सरकार से पूछना चाहता हूं कि किसी ने बेटा खोया है, किसी ने भाई खोया है, किसी ने पति खोया है... इसका आप सरकार के पास क्या जवाब है?”
शाह ने आरोप लगाया कि उन्हें अब तक बहाने के अलावा कोई जवाब सुनने को नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी पंजाब में भाजपा की नशा मुक्त पंजाब रैली को संबोधित करने और नशे के कारोबार को समाप्त करने की अपील करने आए थे, लेकिन उस समय उन पर ही आरोप लगाए गए।
'मुझे अपशब्द कहने से कुछ नहीं होगा'
अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि वह इस बार दुखी लोगों को सांत्वना देने आए थे और उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। उनके मुताबिक, इसके बावजूद उन्हें अपशब्द कहे गए और उनके नाम के साथ गाली-गलौज की गई।
शाह ने कहा कि यदि उन्हें अपशब्द कहने से किसी को संतुष्टि मिलती है, तो वह ऐसा कर सकता है, लेकिन पंजाब में नशे का कारोबार बंद होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “अगर आपको संतुष्टि मिलती है तो कहें, लेकिन नशे के कारोबार को तो समाप्त कीजिए, चिट्टे के कारोबार को तो समाप्त कीजिए।”
अपने भाषण में अमित शाह ने नशे के मुद्दे पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा और नशे के कारोबार को समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया।