हाइलाइट्स
- ● लाइफ साइंसेज विशेषज्ञों को म्यूथोस, ओपस और सॉनेट मॉडल की पहुंच
- ● अकादमिक लैब से फार्मा कंपनियों तक टीमों के लिए बीटा कार्यक्रम
- ● शोध प्रमाण-पत्र, सुरक्षा मानकों और नैतिक निगरानी की होगी जांच
- ● स्टैंडर्ड और हाई-रिस्क यूज के लिए अलग-अलग अनुदान व्यवस्था
Anthropic New Programs: एआई AI कंपनी एंथ्रोपिक ने लाइफ साइंसेज क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए लाइफ साइंसेज वेरिफिकेशन प्रोग्राम LSVP शुरू करने की घोषणा की है। बीटा BETA चरण में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत सत्यापित टीमों और संस्थानों को कंपनी के म्यूथोस, ओपस और सॉनेट मॉडल तक पहुंच दी जाएगी। कंपनी के अनुसार, कार्यक्रम में जीवविज्ञान से जुड़े कार्यों के लिए अधिक अनुकूल सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
शोध और विकास के लिए विस्तृत उपयोग
LSVP का उद्देश्य दवा खोज, शोध जीवविज्ञान, क्लिनिकल डेवलपमेंट और विनिर्माण समेत उन कार्यों में मॉडल के इस्तेमाल की सुविधा देना है, जो कंपनी के सामान्य रूप से उपलब्ध मॉडल में सुरक्षा कारणों से सीमित हो सकते हैं। कार्यक्रम के तहत अकादमिक प्रयोगशालाओं, स्टार्टअप, फार्मा कंपनियों और अन्य संस्थानों की टीमें आवेदन कर सकती हैं। कंपनी ने बताया कि शुरुआती पहुंच कार्यक्रम के तहत दर्जनों संगठनों को पहले ही शामिल किया जा चुका है।
सत्यापन के बाद दो तरह की पहुंच
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आवेदकों के शोध प्रमाण-पत्र, सुरक्षा मानकों और नैतिक निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। सत्यापन के बाद टीमें Standard Use और High-risk Use में से अपनी जरूरत के अनुरूप अनुदान के लिए आवेदन कर सकेंगी। Standard Use अधिकांश लाइफ साइंस शोध और विकास गतिविधियों के लिए होगा तथा इसे पूरी टीम के दैनिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
High-risk Use उन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त व्यवस्था है, जिनमें दुरुपयोग की संभावित आशंका अधिक है। यह सुविधा किसी पूरी टीम के बजाय एक विशिष्ट शोध परियोजना से जुड़ी होगी और हर छह महीने में इसका नवीनीकरण करना होगा। कंपनी ने कहा कि फिलहाल Opus 5 और Sonnet 5 के लिए हाई-रिस्क अनुदान उपलब्ध हैं, जबकि Mythos के लिए व्यापक उपलब्धता पर अमेरिकी सरकार के साथ काम किया जा रहा है।
दुरुपयोग रोकने के लिए निगरानी
एंथ्रोपिक के मुताबिक, कार्यक्रम में अकाउंट के दुरुपयोग, अंदरूनी खतरे और एआई एजेंटों द्वारा अनपेक्षित जोखिमपूर्ण गतिविधियों जैसी आशंकाओं को ध्यान में रखा गया है। LSVP में रीयल-टाइम रोक के बजाय ऑफलाइन निगरानी पर अधिक जोर दिया गया है। इसके लिए चिह्नित गतिविधियों से संबंधित डेटा 30 दिन तक सुरक्षित रखा जाएगा। कंपनी ने कहा कि यह डेटा मॉडल प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल नहीं होगा और इसे उसकी लाइफ साइंसेज शोध टीमों के सदस्य एक्सेस नहीं कर सकेंगे।