- आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नाम 13 बार दर्ज मिला
- पांच बीएलओ और कंप्यूटर सहायक को हटाने के निर्देश
- तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी और दो सहायक अधिकारियों पर भी कार्रवाई
- जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच के आदेश
|
Azamgarh Voter List Irregularities: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नाम बार-बार दर्ज होने के मामले में जांच पूरी हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कार्यालय ने संबंधित प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों BLO को मतदाता सूची के काम से तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। इन कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के संबंध में नोटिस जारी करने को भी कहा गया है। तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
समाजवादी पार्टी ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया था कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नाम के व्यक्ति का नाम 10 बार दर्ज है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी थी।
जांच में 13 प्रविष्टियों का खुलासा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की 24 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में आजमगढ़ की मतदाता सूची में हिंदी में ‘विकास यादव’ नाम 13 बार प्रदर्शित होने की बात सामने आई। हालांकि, समान नाम और समान पिता के नाम वाला एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है, जो इन 13 प्रविष्टियों से अलग है।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, आजमगढ़ में विकास यादव नाम से संबंधित दो प्रविष्टियों को पहले ही नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जा चुकी थी। शेष 11 प्रविष्टियां जिले के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से जुड़ी पाई गईं। ये सभी अपने-अपने गांव में रह रहे हैं। इन 11 व्यक्तियों में वास्तविक विकास यादव को छोड़कर बाकी 10 लोगों के नाम और अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरवाया गया है।
कर्मचारियों और अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
प्रकरण में दोषी पाए गए मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक और पांच बीएलओ को मतदाता सूची संबंधी कार्य से तत्काल हटाने तथा उनकी सेवा समाप्त करने के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, संबंधित कंप्यूटर सहायक, बीएलओ, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई से पहले नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची तैयार करने में पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता के आरोप में तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा दोनों सहायक अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने के लिए आरोप पत्र जारी करने को भी कहा गया है।
पूरे जिले की मतदाता सूचियों की जांच के आदेश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी इसी बिंदु पर गहन जांच करने का निर्देश दिया है। विस्तृत जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करनी होगी।