हाइलाइट्स :
• बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच विवाद खत्म
• दिल्ली में मुलाकात के बाद रामदेव ने दी जानकारी
• रामदेव बोले- गलतफहमी दूर हो गई, अपनी ओर से मामला खत्म कर रहे
• बृजभूषण ने रामदेव को प्रणाम कर सम्मान जताया
• पतंजलि फूड्स ने बृजभूषण के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा किया था
• दोनों के बीच विवाद बृजभूषण के पतंजलि के घी और मिलावटी सामान को लेकर दिए बयानों के बाद बढ़ा था
कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच चल रहा विवाद खत्म हो गया है। बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे बाबा रामदेव ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों की मुलाकात हुई, जिसके दौरान कुछ सुनी-सुनाई बातों और वीडियो के आधार पर बनी गलतफहमी दूर हो गई।
रामदेव ने कहा, "आज मेरी बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात हुई। इस दौरान कुछ सुनी-सुनाई बातों और वीडियो के आधार पर बृजभूषण सिंह के मन में गलतफहमी हो गई थी, जो अब दूर हो गई है।"
मुलाकात में बृजभूषण ने किया प्रणाम
बाबा रामदेव ने कहा कि किसी व्यक्ति के मन में गलतफहमी हो जाए तो उसे दूर कर देना चाहिए। उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह का धन्यवाद भी किया।
रामदेव के मुताबिक, मुलाकात के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने उन्हें प्रणाम किया और कहा, “हम संत सनातन का हमेशा आदर करते हैं और जो आप देश के लिए काम करते हैं, उसका भी सम्मान करते हैं।”
रामदेव ने कहा कि वह अपनी ओर से भी इस विवाद को आज खत्म कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे साधु इसी उद्देश्य से बने हैं और किसी विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते।
देशसेवा को बताया जीवन का बड़ा उद्देश्य
बाबा रामदेव ने कहा कि उनका जीवन देशसेवा के बड़े उद्देश्य के लिए है। उन्होंने कहा कि उनके रग-रग में भारत माता की सेवा का संकल्प है और अंतिम सांस तक देश की सेवा करना ही उनका संकल्प है।
उन्होंने कहा कि सुबह तीन बजे उठने से लेकर रात 10 बजे तक भारत माता की सेवा में लगे रहते हैं। रामदेव ने यह भी कहा कि पिछले दिनों एक अन्य विवाद उठा था, जिसे उन्होंने वहीं खत्म कर दिया था।
पतंजलि के उत्पादों को लेकर रामदेव ने क्या कहा?
विवाद के बीच बाबा रामदेव ने पतंजलि के उत्पादों पर उठे सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पतंजलि का गाय का घी नकली नहीं है और पतंजलि की कोई दवाई नकली नहीं है।
अपने संन्यास को लेकर रामदेव ने कहा कि उन्होंने संन्यास नशे के लिए नहीं लिया है और वह प्रमाणिकता के साथ संन्यास का जीवन जीते हैं।
बृजभूषण के बयान के बाद बढ़ा था विवाद
बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच विवाद बहराइच में पूर्व सांसद के दिए बयान के बाद बढ़ा था। बृजभूषण ने कहा था कि बाबा रामदेव मिलावटी सामान बनाने के मामले में सभी के सम्राट हैं।
उन्होंने कहा था कि यह केवल पतंजलि के घी का सवाल नहीं है। गांव-गांव में नकली पनीर और हर चौराहे पर नकली खाने के सामान की दुकानें खुली हुई हैं। उन्होंने 10 क्विंटल पनीर का ऑर्डर देने पर एक दिन में 10 क्विंटल पनीर उपलब्ध होने की बात भी कही थी।
बृजभूषण ने मिलावटी और नकली सामान बनाने वालों का विरोध करने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि पतंजलि के कई ब्रांड देश से लेकर विदेश तक फैले हैं और कई देशों में उनके उत्पादों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। उन्होंने सरकार से इस मामले पर ध्यान देने की मांग की थी।
पतंजलि फूड्स ने दायर किया था 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा
बृजभूषण के इन बयानों के बाद पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किया था। यह मामला पतंजलि के घी की गुणवत्ता को लेकर बृजभूषण के सार्वजनिक बयानों से जुड़ा है और इसकी सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई है।
पुराना है बाबा रामदेव और बृजभूषण के बीच विवाद
बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच विवाद काफी पुराना है। पिछले साल 17 अगस्त को बृजभूषण ने बलरामपुर में कहा था- रामदेव काना, जिसके नाम पर कमा खा रहा, महर्षि पतंजलि का इतिहास भी यहीं गोंडा से है।
बाद में उन्होंने इस बयान पर माफी भी मांगी थी। सफाई में बृजभूषण ने कहा था कि लोकसभा चुनाव के दौरान दिए एक बयान के बाद आचार्य बालकृष्ण भट्ट ने उन्हें फोन कर मूर्ख कहा था। इसके बाद उन्होंने भी पलटकर जवाब दिया और तभी से विवाद शुरू हुआ।
बृजभूषण ने बताया था कि बलरामपुर में वह गोंडा, बलरामपुर और देवीपाटन मंडल का इतिहास बता रहे थे। इसी दौरान महर्षि पतंजलि का उल्लेख आया और उन्हें बाबा रामदेव की स्वदेशी यात्रा के दौरान गोंडा में कही गई बात याद आई। उन्होंने कहा था कि उनके मुंह से कुछ शब्द निकल गए और बाद में उन्हें महसूस हुआ कि ऐसा नहीं कहना चाहिए था।
पहले भी रामदेव के घी को लेकर बयान दे चुके थे बृजभूषण
करीब 8 महीने पहले बृजभूषण ने एक छात्र के चेहरे पर निकले मुंहासे को देखकर उसका हाथ पकड़कर रोक लिया था। उससे चेहरे पर इतने मुंहासे होने की वजह पूछते हुए उन्होंने कहा था, 'यह रामदेव वाला घी निकलत हय।' मंच से दिए गए इस बयान पर लोग हंसने लगे थे।
इससे पहले 24 नवंबर, 2022 को सांसद रहते हुए बाराबंकी में एक कथा पंडाल में भी बृजभूषण शरण सिंह ने नकली घी को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि स्वस्थ रहने के लिए घर में साफ-सफाई और दूध-घी का होना जरूरी है। उन्होंने कहा था कि गांव में आसानी से दूध मिलता है और भैंस-गाय पालने पर ही शुद्ध दूध और घी मिलेगा, नहीं तो रामदेव का नकली घी खाना पड़ेगा।