बद्रीनाथ में DJ कंसर्ट पर बीजेपी के बड़े नेता ने जताई कड़ी आपत्ति

बद्रीनाथ में DJ कंसर्ट पर बीजेपी के बड़े नेता ने जताई कड़ी आपत्ति
  • मुरली मनोहर जोशी ने जताई कड़ी आपत्ति
  • धाम की पवित्रता और सांस्कृतिक मर्यादा पर उठाए सवाल
  • बोले, हिमालयी पर्यावरण में शोर-शराबे वाले आयोजन अनुचित
  • केंद्र और राज्य सरकार से ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने का आग्रह
  • बाजारू संस्कृति में बदलने का लगाया आरोप

Badrinath DJ Concert Controversy: बद्रीनाथ धाम में आयोजित संगीत कार्यक्रम को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने आपत्ति जताई है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ में डीजे कंसर्ट की अनुमति देना सांस्कृतिक मर्यादाओं का उल्लंघन और धाम की पवित्रता पर आघात है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया।

जोशी ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने हिमालयी वातावरण में शांतिपूर्ण तरीके से भगवान के भजन के लिए बद्रीनाथ धाम की स्थापना की थी। उन्होंने दावा किया कि धाम में शंख बजाना तक प्रतिबंधित है, लेकिन इसके विपरीत शोर-शराबे वाले संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों की उपेक्षा हो रही है। उनका यह भी कहना है कि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में हजारों लोगों के नाचने से उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल की पृष्ठभूमि

बद्रीनाथ में 19 और 20 सितंबर को ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ आयोजित किया गया था। भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन की ओर से ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय लोक संस्कृति, कलाकारों और उत्पादों को मंच देना बताया गया था। कार्यक्रम में लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुई थीं।

जोशी ने X पर शेयर अपने पोस्ट में कहा कि ऐसे आयोजनों के जरिए देवभूमि को ‘बाजारू संस्कृति’ में बदलने की कोशिश हो रही है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुयायियों, शंकराचार्यों और संतों से इस कथित सांस्कृतिक क्षरण के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया। उन्होंने हिमालय को देवात्मा बताते हुए कहा कि उसकी धार्मिक और आध्यात्मिक मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।