लॉरेंस की लेडी डॉन 'मैडम जहर' को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Authored By: News Corridors Desk | 19 Feb 2026, 03:06 PM
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राजधानी दिल्ली में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट) ने सात साल से फरार चल रहे गैंगस्टर महफूज उर्फ बॉबी कबूतर को उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरफ्तारी गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर के पास की गई, जब आरोपी दिल्ली लौट रहे थे। इस कार्रवाई को स्पेशल सेल की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि बॉबी कबूतर लंबे समय से फरार था और बेहद सतर्क तरीके से अपनी लोकेशन बदलता रहता था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गैंग की सक्रिय सदस्य है। गैंग में उसे ‘मैडम जहर’ के नाम से जाना जाता था। अधिकारियों का कहना है कि अपराध की दुनिया में अब केवल पुरुषों का ही वर्चस्व नहीं रहा, बल्कि महिलाएं भी ‘लेडी डॉन’ के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। नेहा की गिरफ्तारी ने अंडरवर्ल्ड में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली नेहा, असल में गैंग के लिए ड्रग्स सिंडिकेट और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संभाल रही थी। पुलिस ने उसे महिपालपुर फ्लाईओवर के पास से ड्रग्स की खेप के साथ पकड़ा। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह पार्लर की आड़ में अवैध गतिविधियों को संचालित कर रही थी और गैंग के सदस्यों तक हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही थी।

महफूज उर्फ बॉबी कबूतर को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले रेकी करने के मामले में भी आरोपी माना जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह हत्या से पहले पंजाब गया था और उसने गायक की रूटीन, मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी इकट्ठा कर अन्य आरोपियों तक पहुंचाई थी। हत्या के बाद वह दिल्ली के सीलमपुर इलाके में छिपकर रह रहा था और सात वर्षों तक अपने ठिकाने से बाहर नहीं निकला। यहां तक कि वह आसपास की कॉलोनियों में भी नहीं जाता था, ताकि पुलिस की नजर से बचा रहे।

बताया जा रहा है कि बॉबी कबूतर अपनी गर्लफ्रेंड के कारण पुलिस के हत्थे चढ़ा। नेहा उससे लगातार शॉपिंग कराने की जिद कर रही थी। सुरक्षा कारणों से वह उसे दिल्ली के मॉल में नहीं ले गया, क्योंकि उसे पहचान लिए जाने का डर था। इसके बजाय वह गुरुग्राम के एक मॉल में शॉपिंग कराने गया। हालांकि वहां भी उसने ज्यादा खरीदारी नहीं की। जब वह वापस दिल्ली लौट रहा था, तभी स्पेशल सेल की टीम ने बीच रास्ते में गाड़ी को रोककर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरफ्तारी के पीछे लंबी निगरानी और तकनीकी सर्विलांस का अहम योगदान रहा। स्पेशल सेल को जानकारी थी कि बॉबी कबूतर सीलमपुर से बाहर नहीं निकलता। टीम उसके इलाके से बाहर आने का इंतजार कर रही थी। जैसे ही उन्हें उसकी मूवमेंट की सूचना मिली, तुरंत घेराबंदी कर कार्रवाई की गई।

पूछताछ में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि बॉबी कबूतर ने बताया कि फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग कराने के निर्देश उसे तिहाड़ जेल से मिले थे। यह आदेश गैंग से जुड़े हाशिम बाबा ने दिए थे, जो फिलहाल जेल में बंद है। बताया जाता है कि जिस सेल में हाशिम बाबा बंद है, उसी में काला जठेड़ी भी बंद है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि जेल के अंदर से आपराधिक साजिशें कैसे रची जा रही थीं।

स्पेशल सेल का कहना है कि इस गिरफ्तारी से गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। नेहा की भूमिका खासतौर पर इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि वह गैंग की आर्थिक और लॉजिस्टिक सप्लाई चेन संभाल रही थी। एक ब्यूटीशियन के रूप में सामान्य जिंदगी जीने का दिखावा कर वह पर्दे के पीछे आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रही थी।

फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।