Chitrakoot Floods: बाढ़ में घिरे भगवान को अकेला छोड़ने से पुजारी का इंकार, DM-SP ने जोड़े हाथ

Chitrakoot Floods: बाढ़ में घिरे भगवान को अकेला छोड़ने से पुजारी का इंकार, DM-SP ने जोड़े हाथ

Chitrakoot Floods: चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर के बीच रामघाट स्थित बड़ा मठ से आस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जहां पुजारी ने बाढ़ के बावजूद मंदिर छोड़ने से इनकार कर दिया। मंगलवार सुबह जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह पुजारी को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए मंदिर पहुंचे और उनसे हाथ जोड़कर बाहर आने का अनुरोध किया।

पुजारी उस समय मंदिर में पूजा कर रहे थे। अधिकारियों ने उन्हें अपने अन्य साथियों के साथ सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए समझाया। कुछ सदस्य मंदिर से बाहर निकल गए, लेकिन पुजारी अपनी जगह पर ही रहे।

भगवान को अकेला छोड़कर जाने से इनकार

पुजारी ने अधिकारियों से कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी भगवान के चरणों में गुजारी है। ऐसे समय में भगवान को अकेला छोड़कर वह कैसे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की इच्छा से जो होगा, अच्छा ही होगा।

अधिकारियों ने उन्हें काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन पुजारी मंदिर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद प्रशासनिक टीम वहां से लौट गई और रामघाट क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान में जुट गई।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान

मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने रामघाट समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। एनडीआरएफ समेत अन्य बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है।

रामघाट और आसपास के इलाकों में अधिकारियों की टीमें लगातार भ्रमण कर रही हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। लाउडस्पीकर के जरिए भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

नावों से निकाले जा रहे घरों में फंसे लोग

बाढ़ के बीच घरों में फंसे लोगों को नावों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव अभियान में लगी हुई हैं।

वहीं, बड़ा मठ के पुजारी का मंदिर और भगवान को छोड़कर जाने से इनकार उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। दूसरी ओर, प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा के लिए राहत और बचाव अभियान चला रहा है।