दिल्ली में मुफ्त बिजली का लाभ लेने के लिए अब आधार जरूरी, सरकार ने जारी की अधिसूचना

दिल्ली में मुफ्त बिजली का लाभ लेने के लिए अब आधार जरूरी, सरकार ने जारी की अधिसूचना
हाइलाइट्स
• दिल्ली में बिजली सब्सिडी के लिए आधार पहचान अनिवार्य
• आधार नामांकन नहीं है तो 14 अंकों की एनरोलमेंट ID से जुड़ी जानकारी देनी होगी
• 200 यूनिट बिजली मुफ्त, 201 से 400 यूनिट तक 50% सब्सिडी

दिल्ली में बिजली सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने नया नियम लागू करने की अधिसूचना जारी की है। अब सब्सिडी पाने के लिए लाभार्थियों को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए वैध आधार नंबर होने का प्रमाण देना होगा। ऊर्जा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में आधार को सब्सिडी योजना से जोड़ने की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।

सरकार के इस कदम के बीच बिजली सब्सिडी पर होने वाला खर्च और लाभार्थियों की संख्या भी चर्चा में है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 तक बिजली सब्सिडी के लिए सरकारी आवंटन 4,037.63 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस मद में 3,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

बिजली सब्सिडी के लिए आधार नंबर देना होगा

ऊर्जा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली सरकार ने योजना का लाभ देने से पहले लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित करने का फैसला किया है। इसके लिए उपभोक्ताओं को वैध आधार नंबर होने का प्रमाण देना होगा।

आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7 के तहत दिल्ली के उपराज्यपाल ने अधिसूचित किया है कि योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्तियों को वेब पोर्टल या सरकार की ओर से निर्धारित अन्य माध्यमों पर अपना आधार नंबर देना होगा।

आधार नामांकन नहीं है तो क्या करना होगा?

जिन उपभोक्ताओं का दिल्ली में आधार नामांकन नहीं हुआ है, उन्हें इसके लिए आवेदन करना होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को 14 अंकों की नामांकन आईडी संख्या के साथ सब्सिडी प्राप्त करने के लिए जरूरी विवरण भी जमा करने होंगे।

सरकार के अनुसार, आधार के इस्तेमाल से लाभार्थी की पहचान स्थापित करने में आसानी होगी। इससे दस्तावेजों की बहुलता कम करने के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कितनी बिजली पर मिलती है सब्सिडी?

दिल्ली सरकार की मौजूदा योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाती है। वहीं, 201 से 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। यह सब्सिडी अधिकतम 800 रुपये प्रति माह तक है।

यह योजना दिल्ली की अलग-अलग बिजली वितरण कंपनियों के अलावा एनडीएमसी और मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस) के माध्यम से उनके संबंधित क्षेत्रों में संचालित होती है। इसमें बीएसईएस राजधानी, बीएसईएस यमुना और टाटा पावर टीपीडीडीएल शामिल हैं।

बिजली सब्सिडी लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले दशक में दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब यह संख्या 73 लाख से अधिक हो चुकी है।

वर्ष 2024-25 में 73 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 84 प्रतिशत यानी 52.3 लाख उपभोक्ताओं ने बिजली सब्सिडी का लाभ लिया था। वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 87 प्रतिशत यानी 55 लाख हो गया।

बिजली सब्सिडी के लिए सरकार का बजट कितना है?

दिल्ली सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 तक बिजली सब्सिडी के लिए आवंटन 4,037.63 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 3,500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

सरकार ने सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आधार पहचान को अनिवार्य करने संबंधी अधिसूचना जारी की है। नए नियम के तहत उपभोक्ताओं को निर्धारित माध्यम से आधार नंबर या, पात्र स्थिति में, आधार नामांकन से जुड़ी जानकारी और जरूरी विवरण जमा करने होंगे।