दीपावली के पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और दूसरी चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। लेकिन धनतेरस का धार्मिक महत्व सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं है। इस दिन शाम को यमराज के नाम से एक विशेष दीपक जलाने की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसे यम दीपक कहा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यम दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों पर अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। हालांकि, इस दीपक को जलाने के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। इसमें दीपक की दिशा से लेकर तेल और उसे जलाने के तरीके तक का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
धनतेरस पर क्यों जलाया जाता है यम दीपक?
देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत में बताया कि धनतेरस का दिन भगवान धन्वंतरि और यमराज की पूजा के लिए विशेष माना जाता है।
उनके अनुसार, इस दिन लोग अपनी क्षमता के मुताबिक खरीदारी करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में धन-धान्य और सुख-समृद्धि बढ़ती है। वहीं, शाम को यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा परिवार के सदस्यों की रक्षा और लंबी आयु की कामना से जुड़ी है।
दक्षिण दिशा में दीपक जलाने के हैं खास नियम
ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार, यम दीपक जलाते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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तेल का चुनाव: दीपक में सरसों का तेल या तिल का तेल इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।
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सही स्थान: यम दीपक घर के अंदर नहीं, बल्कि बाहर जलाना चाहिए।
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दिशा का ध्यान: दीपक को दक्षिण दिशा की ओर रखकर जलाने की परंपरा है।
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चावल का इस्तेमाल: दीपक रखने से पहले उसके नीचे थोड़े से साबुत चावल रखने चाहिए।
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यमराज का स्मरण: दीपक जलाते समय विधि-विधान से यमराज का स्मरण करना चाहिए।
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पीछे मुड़कर न देखें: दीपक जलाने के बाद पीछे मुड़कर उसे देखने से बचने की मान्यता है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इन नियमों के साथ यम दीपक जलाने से यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार की रक्षा करते हैं।
अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति के लिए करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप
ज्योतिषाचार्य ने भगवान शिव की आराधना का महत्व भी बताया है। उनके अनुसार, जिन लोगों को अकाल मृत्यु का भय रहता है या जो अपने परिवार की लंबी आयु और सुख-शांति की कामना करते हैं, वे भगवान शिव का स्मरण कर सकते हैं।
इसके लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन भगवान शिव की आराधना और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करने से भय और नकारात्मकता दूर होती है।
इस तरह धनतेरस का पर्व खरीदारी के साथ-साथ परिवार की खुशहाली, सुरक्षा और मंगलकामना से भी जुड़ा हुआ है। इस दिन यम दीपक जलाने की परंपरा को भी विशेष धार्मिक महत्व दिया जाता है।