Food Safety: बैक्टीरिया पर प्रिजर्वेटिव के हमले का वैज्ञानिक रहस्य खुला

Food Safety: बैक्टीरिया पर प्रिजर्वेटिव के हमले का वैज्ञानिक रहस्य खुला
हाइलाइट्स :
• वैज्ञानिकों ने पहली बार प्रिजर्वेटिव की जीवाणुरोधी प्रक्रिया को विस्तार से समझा
• सोडियम बेंजोएट और फेनोक्सीएथेनॉल बैक्टीरिया पर अलग-अलग असर डालते हैं
• सोडियम बेंजोएट अम्लीय वातावरण में करीब 16 गुना अधिक प्रभावी मिला
• शोध से सुरक्षित और अधिक प्रभावी प्रिजर्वेशन तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी

Food Safety: वैज्ञानिकों ने पहली बार यह स्पष्ट किया है कि आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव बैक्टीरिया को किस आणविक प्रक्रिया के जरिए निष्क्रिय करते हैं। उन्नत इमेजिंग और जैव रासायनिक विश्लेषण के जरिए किए गए अध्ययन में पता चला है कि सोडियम बेंजोएट SB और फेनोक्सीएथेनॉल POE बैक्टीरिया की कोशिकाओं पर एक साथ कई स्तरों पर असर डालते हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान INST, मोहाली के शोधकर्ताओं ने यूनिलीवर आर एंड डी, बेंगलुरु के सहयोग से यह अध्ययन किया। शोध में ग्राम-पॉजिटिव स्टैफिलोकोकस ऑरियस और ग्राम-नेगेटिव स्यूडोमोनास एरुगिनोसा बैक्टीरिया पर प्रिजर्वेटिव के प्रभावों का अध्ययन किया गया। इसके लिए ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी  TEM  समेत कई जैव रासायनिक परीक्षणों का इस्तेमाल किया गया।

शोधकर्ताओं के अनुसार, प्रिजर्वेटिव बैक्टीरिया की बाहरी कोशिका संरचना को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ कोशिका के भीतर प्रतिक्रियाशील एल्डिहाइड और ऑक्सीजन-व्युत्पन्न प्रजातियों का जमाव बढ़ाते हैं। इससे आवश्यक प्रोटीन, आनुवंशिक सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण कोशिकीय प्रक्रियाएं बाधित होती हैं।

अध्ययन में दोनों प्रिजर्वेटिव की कार्यप्रणाली में अंतर भी सामने आया। सोडियम बेंजोएट ने बैक्टीरिया की कोशिकाओं में संकुचन और संरचनात्मक पतन पैदा किया, जबकि फेनोक्सीएथेनॉल से झिल्ली का विस्तार और बाद में टूटना देखा गया। सोडियम बेंजोएट अम्लीय वातावरण में करीब 16 गुना अधिक प्रभावी पाया गया, जबकि फेनोक्सीएथेनॉल ने अलग-अलग पीएच स्थितियों में अपेक्षाकृत स्थिर प्रभाव दिखाया।

शोध के निष्कर्ष Letters in Applied Microbiology में प्रकाशित हुए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रिजर्वेटिव के काम करने की प्रक्रिया समझने से खाद्य पदार्थों, कॉस्मेटिक और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों के लिए अधिक उपयुक्त प्रिजर्वेशन प्रणाली विकसित करने, सही मात्रा निर्धारित करने और खराब होने से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।